श्रीकिशोर शाही
(अय्याश प्रिंस-५)
प्रिंस जेफ्री की कहानी का यह वह हिस्सा है, जिसने उसे दुनिया का सबसे कुख्यात प्लेबॉय बना दिया। जेफ्री का पागलपन सिर्फ महंगी गाड़ियों या अजीब नाम वाले जहाजों तक सीमित नहीं था। उसके महल के बंद दरवाजों के पीछे एक ऐसा सीक्रेट ‘हरम’ चल रहा था, जिसकी हकीकत ने सबको सन्न कर दिया।
जेफ्री ने ब्रुनेई के अपने आलीशान महल में ४० से ज्यादा विदेशी मॉडल्स, हॉलीवुड अभिनेत्रियों और कॉल गर्ल्स का एक प्राइवेट सिंडिकेट बना रखा था। इन लड़कियों को दुनियाभर से, खासकर अमेरिका और यूरोप से, बड़ी-बड़ी मॉडलिंग असाइनमेंट्स का झांसा देकर या भारी रकम का लालच देकर लाया जाता था। उन्हें हर हफ्ते हजारों डॉलर नकद दिए जाते थे।
इस हरम में रहने वाली एक अमेरिकी लड़की, जिलियन लॉरेन ने बाद में एक किताब लिखकर इस ‘सोने के पिंजरे’ का कच्चा चिट्ठा खोला। जिलियन ने बताया कि बाहर से यह जिंदगी किसी परीकथा जैसी लगती थी। महंगे कपड़े, हीरे के गहने और ५-स्टार सुविधाएं। लेकिन असल में वह सब जेप्रâी के मनोरंजन के लिए बंधक थीं। महल का माहौल डरावना और दमघोंटू था। लड़कियों को राजकुमार और उनके एलीट दोस्तों की ‘बुंगा-बुंगा’ यानी सीक्रेट सेक्स पार्टियों की शोभा बढ़ाने के लिए किसी खिलौने की तरह इस्तेमाल किया जाता था।
जेफ्री का व्यवहार किसी मानसिक रूप से बीमार तानाशाह जैसा हो गया था। उसे यह भ्रम हो गया था कि वह पैसे से दुनिया की किसी भी औरत को खरीद सकता है। लड़कियों को आपस में लड़वाया जाता था, ताकि वे प्रिंस का ध्यान खींच सकें। यह सत्ता, पैसे और हवस का एक ऐसा क्रूर खेल था, जिसमें इंसानियत की कोई जगह नहीं थी। लेकिन यह अय्याशी हमेशा के लिए नहीं चलने वाली थी। पाप का यह घड़ा अब भर चुका था। १९९७ के एशियन क्राइसिस ने जब दरवाजे पर दस्तक दी, तो ब्रुनेई की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी। और इसी संकट ने जेफ्री के इस डार्क साम्राज्य की नींव को हिला कर रख दिया।
(शेष अगले अंक में)
