मुख्यपृष्ठस्तंभमहाराष्ट्र बन रहा देश का नया ‘ड्रग हब’?

महाराष्ट्र बन रहा देश का नया ‘ड्रग हब’?

 -पांच महीने में १५ हजार किलो नशीला माल जब्त, ६,३०३ गिरफ्तार
-एमडीएमए और हेरोइन की तस्करी में उछाल…विदेशी नागरिकों से लेकर स्थानीय नेटवर्क तक फैला नशे का जाल
-महाराष्ट्र में मादक पदार्थों की तस्करी और खपत के बढ़ते आंकड़ों ने राज्य

सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार,, वर्ष २०२६ के शुरुआती पांच महीनों में राज्यभर में ड्रग्स के खिलाफ ६,९३३ कार्रवाइयां की गर्इं। इन अभियानों में करीब १५,४५८ किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए और ६,३०३ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जब्त नशीले पदार्थों में गांजा और चरस जैसे पारंपरिक नशों के साथ एमडी, एमडीएमए, हेरोइन, कोकीन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स शामिल हैं। महाराष्ट्र में विशेष रूप से एमडी और एमडीएमए की तस्करी तेजी से बढ़ रही है। मुंबई, ठाणे, पुणे, नाशिक और नागपुर जैसे बड़े शहर इसके प्रमुख बाजार और वितरण केंद्र बनते जा रहे हैं। राज्य में ड्रग्स तस्करी के मामलों में विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है। पांच महीने के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों में २१ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। वहीं, कई मामलों में स्थानीय युवाओं, कुरियर एजेंटों, महिलाओं और किराये के मकानों का इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई तथा निर्माण के लिए किए जाने का खुलासा हुआ है।
जनवरी से अप्रैल तक १,१४२ बड़े मामले दर्ज
महाराष्ट्र विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले जनवरी से अप्रैल २०२६ के बीच राज्य में मादक पदार्थों से जुड़े १,१४२ बड़े मामले दर्ज हुए और करीब २५४.५३ करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त किए गए। इस अवधि में तस्करी तथा सेवन से जुड़े हजारों मामले दर्ज किए गए। ड्रग्स माफिया अब सुनसान गोदामों या बड़े कारखानों तक सीमित नहीं हैं। मुंबई के अंधेरी इलाके में महज १३ हजार रुपये महीने के किराये की एक छोटी-सी खोली में कथित रूप से एमडी बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी, जहां से हर महीने करोड़ों रुपये का नशीला पदार्थ तैयार किए जाने का आरोप है।

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