राजेश सरकार / प्रयागराज
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। शनिवार सुबह बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट ने प्रशासन की चिंता जरूर बढ़ाई है। पिछले 24 घंटे में नैनी में यमुना और छतनाग में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नैनी में यमुना का जलस्तर 32 सेंटीमीटर, जबकि छतनाग में गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा। हालांकि राहत की बात यह है कि दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं।
नैनी में हर घंटे 1.33 सेमी बढ़ा यमुना का पानी
शुक्रवार सुबह आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 75.56 मीटर दर्ज किया गया था। शनिवार सुबह यह बढ़कर 75.88 मीटर पहुंच गया। यानी महज 24 घंटे में नदी का जलस्तर 32 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ गया। औसतन यमुना के जलस्तर में करीब 1.33 सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह छतनाग में शुक्रवार सुबह के मुकाबले शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़कर 75.53 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में भी गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर बढ़ा और शनिवार सुबह यह 78.85 मीटर दर्ज किया गया।
बारिश बनी जलस्तर बढ़ने की बड़ी वजह
लगातार बारिश के चलते नदियों में पानी बढ़ रहा है। शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में नैनी क्षेत्र में 52.6 मिलीमीटर, फाफामऊ में 20.8 मिलीमीटर और छतनाग में 30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले शुक्रवार को नैनी में 19 मिलीमीटर, फाफामऊ में 38.8 मिलीमीटर और छतनाग में 34.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बीच यमुना और गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की निगाहें भी नदी की ओर टिका दी हैं।
खतरे के निशान से अभी काफी नीचे नदियां
हालांकि, मौजूदा स्थिति में बाढ़ का खतरा नहीं है। प्रयागराज में गंगा-यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। शनिवार सुबह नैनी में यमुना 75.88 मीटर, फाफामऊ में गंगा 78.85 मीटर और छतनाग में गंगा 75.53 मीटर पर बह रही थी। यानी तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, सभी तटबंध सुरक्षित हैं। प्रशासन जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश जारी रहने पर जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
