-क्यूआर आईडी दी, फिर भी कार्रवाई
-जुर्माने की मार से गरीबों की रोजी-रोटी पर संकट
-नगरसेवकों ने कार्रवाई के तरीके को बताया मनमाना
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम अब गरीब फेरीवालों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का समर्थन विभिन्न दलों के पार्षदों ने किया है, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अभियान का अमल मनमाना है और नियमों की मार सीधे छोटे फेरीवालों पर पड़ रही है।
क्यूआर आईडी देकर अब कार्रवाई क्यों?
शिवसेना की नगरसेविका दीपमाला भाड़े ने मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों की मौजूदगी में फेरीवालों को क्यूआर-कोड वाले पहचान पत्र जारी किए गए थे। अब उन्हीं फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यदि पहचान पत्र जारी करने के बाद भी फेरीवालों को सुरक्षा नहीं मिलती, तो फिर ऐसे कार्ड बांटने का उद्देश्य क्या था? मनपा की नीति को लेकर फेरीवालों में असमंजस पैदा हो गया है। भाजपा नगरसेवक शीतल गंभीर ने कहा कि तय सीमा से अधिक जगह घेरने वाले फेरीवालों को पहले अतिक्रमण कम करने की चेतावनी दी जानी चाहिए। बार-बार जुर्माना गरीबों पर भारी पड़ रहा है। कई फेरीवाले जुर्माना भरने के लिए उधार मांगने लौट रहे हैं। कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’, लेकिन व्यवस्था कितनी तैयार?
भाजपा नगरसेवक प्रीति सातम ने जेसीबी मशीनों की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशव्यापी जेसीबी अनुबंध ९ अगस्त को समाप्त हो गया। पी साउथ वार्ड में केवल एक जेसीबी से कार्रवाई वैâसे होगी? वहीं मकरंद नार्वेकर ने कहा कि फुटपाथ मुक्त अभियान को लेकर वरिष्ठ स्तर पर इच्छाशक्ति है, लेकिन निचले स्तर पर तत्परता नहीं।
वर्षों से कारोबार करने वालों पर भी कार्रवाई
कांग्रेस नगरसेवक ट्यूलिप मिरांडा ने कहा कि वर्षों से मुंबई में कारोबार कर रहे फेरीवालों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने क्यूआर-कोड वाली आईडी की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इन पहचान पत्रों से फेरीवालों को कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है तो इन्हें जारी करने का मतलब ही क्या है? उनके मुताबिक, नियम और प्रावधान तो बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन शून्य है।
मनपा की सफाई
बीएमसी ने चुनिंदा कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल, अस्पताल और मेट्रो स्टेशनों के आसपास फुटपाथ खाली कराने के निर्देश हैं। अनधिकृत फेरीवालों पर समान कार्रवाई और निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाया गया है। हालांकि, पहचान पत्र जारी करने के बावजूद फेरीवालों पर कार्रवाई से अभियान की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
