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जर्जर स्कूलों ने खोली सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल…महायुति को घेरेगी जेन-जी!.. ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत

 सामना संवाददाता / मुंबई

नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गांव-कस्बों के बदहाल सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठाते हुए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर १५ अगस्त को हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव से इस अभियान की शुरुआत की गई। सीजेपी के संस्थापक एवं अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने अपने पैतृक गांव स्थित जिला परिषद स्कूल का दौरा कर वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
स्कूल में प्रवेश करते ही सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली सामने आ गई। कई खिड़कियां टूटी हुई थीं। एक टूटी खिड़की को ढकने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तस्वीर वाला बैनर लगाया गया था। स्कूल की मरम्मत कराने के बजाय टूटे हिस्से को राजनीतिक चेहरे वाले बैनर से ढकने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
शौचालय और मूत्रालय की हालत भी खराब
अभियान के दौरान स्कूल के शौचालय और मूत्रालय की स्थिति भी बेहद खराब मिली। गंदगी और तेज दुर्गंध के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा देने के सरकारी दावों पर सवाल खड़े होते हैं। दीपके ने स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं उनके सामने रखीं। दीपके ने इन समस्याओं को दर्ज किया और उन्हें अभियान का हिस्सा बनाने की बात कही।
गांव-गांव पहुंचेगी सीजेपी
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के जरिए सीजेपी अब गांव-गांव जाकर सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि अलग-अलग मुद्दों को लेकर देशभर का दौरा किया जाएगा। इस दौरान सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं का डेटा एकत्र कर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति जनता के सामने रखी जाएगी।
टूटी खिड़की पर शिंदे का पोस्टर!
महायुति सरकार शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हिंगोली का यह स्कूल उन दावों की जमीनी हकीकत सामने रखता है। बच्चों के लिए अच्छी इमारत, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित खिड़कियां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय टूटी खिड़की को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तस्वीर वाले पोस्टर से ढकना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। सीजेपी ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार से सवाल पूछने और सरकारी स्कूलों की बदहाली जनता के सामने लाने का अभियान शुरू किया है।

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