सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में अंदरूनी खींचतान का एक और मामला सामने आया है। सांसद ओमराजे निंबालकर के आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हो गई। धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक की मुलाकात के दौरान शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। घटना के समय सांसद ओमराजे निंबालकर के भी मौजूद होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि प्रताप सरनाईक के निंबालकर के आवास पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। इसके बाद आवास परिसर में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें कार्यकर्ताओं के बीच झड़प दिखाई दे रही है। सांसद के आवास पर ही पार्टी कार्यकर्ताओं के इस तरह आमने-सामने आने की घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
आखिर किस बात पर भड़का विवाद?
झड़प की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। विवाद के पीछे के मुद्दे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह मामला स्थानीय राजनीतिक मतभेद से जुड़ा था या व्यक्तिगत विवाद से, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आए इस घटनाक्रम ने शिंदे गुट के भीतर स्थानीय स्तर पर चल रही गुटबाजी और आपसी खींचतान की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। सत्ता में हिस्सेदारी और संगठन में वर्चस्व को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही कई स्तरों पर प्रतिस्पर्धा दिखाई देती रही है।
भाई ने बीच-बचाव कर शांत कराया मामला
स्थिति बिगड़ती देख सांसद ओमराजे निंबालकर के भाई जयराजे निंबालकर ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ। घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्टी के सांसद के आवास पर ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ जाएं, तो संगठन के भीतर तालमेल की स्थिति क्या हो सकती है? फिलहाल, विवाद की वास्तविक वजह और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।
