सामना संवाददाता / मुरादाबाद
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कैंपस वंदे मातरम्, भारत माता की जय सरीखे गगनचुम्बी नारों से गुंजायमान रहा। इससे पूर्व कुलाधिपति सुरेश जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने बड़ी आन,बान और शान के बीच ध्वज फहराया। यूनिवर्सिटी के इतिहास में जश्न-ए-आजादी के अवसर पर पहली बार वंदे मातरम् का वाचन किया गया। इस मौके पर कुलाधिपति सुरेश जैन ने अपने सारगर्भित संबोधन में 1942 के सबसे बड़े भारत छोड़ो आंदोलन का स्मरण करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में शहीद हुए रणबांकुरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही बोले, मैंने तो गुलामी के दौर में जन्म लिया है,लेकिन आप तो सौभाग्यशाली हो, आपने पहली सांस आज़ाद हिंदुस्तान में ली। उन्होंने स्टुडेंट्स को अपने कर्तव्य बोध भी याद दिलाए। युवाओं से बोले, वे वंदे मातरम् और जन गण मन सरीखे देशभक्ति के तरानों को आत्मसात करें। इससे पूर्व यूनिवर्सिटी के सुरक्षा बलों की ओर से राष्ट्र ध्वज को सलामी दी गई। इस अवसर पर प्रो. हरबंश दीक्षित, प्रो. एमपी सिंह के संग-संग बड़ी संख्या में स्टुडेंट्स, फैकल्टीज, स्टाफ की भी उपस्थिति रही।
कुलाधिपति श्री जैन ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा, इन 80 सालों में भारत ने बेमिसाल तरक्की की है। हमारी इकोनॉमी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। यह कोई मामूली बात नहीं है। यह बड़ी बात है, एक पिछड़ा हुआ मुल्क आज अग्रणी भूमिका की ओर अग्रसर है । दुनिया के टॉप चार या पांच मुल्कों की लाइन में खड़ा है। हम सब और मेहनत करेंगे और 2047 तक हम विकसित भारत के रूप में जाने जाएंगे। श्री जैन बोले, विकसित भारत का ड्रीम सड़क बनाने से पूरा नहीं होगा,बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की आमदनी में इज़ाफ़ा होने से होगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदलने की सर्वाधिक जिम्मेदारी आप जैसे युवाओं के कंधों पर है।बोले, प्रधानमंत्री का सुबह का भाषण आप जरूर सुनिए । वह भारत के युवाओं को समर्पित था। उन्होंने डेमोक्रेसी के महत्व की भी व्याख्या की। उन्होंने समारोह में मौजूद स्टुडेंट्स से अपने मन की बात भी साझा की। बोले, थोड़ी कड़वी बात कहूंगा। बहुत सारे छात्रों को पैरेंट्स जेवर, जमीन या घर गिरवी रखकर या कर्ज़ लेकर पढ़ते हैं, ताकि अभिभावकों से संग आपका भी सपना पूरा हो सके। यदि आप अपने लक्ष्य से भटकेंगे तो आपके मां-बाप का सपना अधूरा रह जाएगा। दूसरी ओर बहुत सारे छात्र कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के लिए आते हैं, क्योंकि उनके घर बहुत कुछ है, लेकिन जिनके घर बहुत कुछ नहीं है, वे उनकी धारा में कतई न बहें। अपनी धार में चलें। उन्होंने जय हिंद! जय भारत! के संग अपने संबोधन को विराम दिया। संचालन डॉ.माधव शर्मा के किया। इसके बाद हरियाणा में मदन स्वरूप इंटर कॉलेज में भी धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया,जहां न केवल स्टुडेंट्स ने कल्चरल प्रोग्राम्स प्रस्तुत किए, बल्कि चांसलर सुरेश जैन, अनिल जैन और अक्षत जैन ने स्व. प्रेम प्रकाश जैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दूसरी ओर टिमिट और एजुकेशन कॉलेज में भी झंडारोहण कार्यक्रम हुए।
