सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार ने मनोज जरांगे पाटील के आमरण अनशन के बाद हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया। इससे मराठवाड़ा के मराठों को ओबीसी प्रमाणपत्र मिलने का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन इस पैâसले के बाद अब राज्य का ओबीसी समाज और बंजारा समाज भी आरक्षण के लिए आंदोलन की तैयारी में जुट गया है।
बता दें कि मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील ने मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन का आह्वान करते हुए ‘मुंबई चलो’ का नारा दिया था। मुंबई में उन्हें एक दिन की अनुमति होने के बावजूद उपोषण पूरे पांच दिन चला। इस दौरान मामला मुंबई उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। इसके बाद राज्य की महायुति सरकार ने दबाव में आकर मराठों को हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया, लेकिन अब यही पैâसला राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए परेशानी खड़ा करनेवाला साबित हो सकता है, क्योंकि इस पैâसले के बाद राज्य में ओबीसी समाज के साथ ही बंजारा समाज भी आरक्षण की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहा है। बंजारा समाज ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि हैदराबाद गजट के अनुसार, यदि उन्हें तुरंत एसटी प्रवर्ग में शामिल नहीं किया गया तो वे सड़क पर आंदोलन करेंगे।
