हिमांशु राज
बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान अपने बेटे जुनैद खान के करियर में किसी तरह का दखल नहीं देते और खुद बताते हैं कि जुनैद अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहे हैं। जुनैद ने लॉस एंजेलिस की अमेरिकन एकेडमी ऑफ ड्रैमेटिक आर्ट्स से थिएटर और एक्टिंग की ट्रेनिंग पूरी की, वहाँ लगभग दो साल तक पढ़ाई की और लगभग एक साल तक स्टेज पर नाटक किए, बिना अपनी पहचान बताए ऑडिशन दिए और इंडस्ट्री में खुद ही अपनी जगह बनाई। आमिर खुलासा करते हैं कि वह जुनैद की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ते, क्योंकि जुनैद नहीं चाहते कि पिता उनके फिल्म चयन या करियर फैसलों में शामिल हों। जुनैद का डेब्यू प्रोजेक्ट ‘महाराज’ आमिर को भी बाहर से पता चला, जब आदित्य चोपड़ा ने फिल्म के बारे में बताया; इससे साबित होता है कि जुनैद ने बिना नेपोटिज्म या बैक‑डोर सपोर्ट के अपना रास्ता खुद बनाया है। आमिर यह भी कहते हैं कि जुनैद इंसानी लायक और स्वतंत्र विचार वाले हैं, जिन्होंने उनसे कभी कोई मदद नहीं मांगी, न कार खरीदने के लिए, न करियर के लिए और न इंडस्ट्री में एंट्री के लिए नाम का इस्तेमाल किया। इसी वजह से जब भी आमिर जुनैद को गले लगाते हैं, तो उन्हें वही बाल‑प्यार और गहरा सुकून मिलता है, जो उनके छोटे होने पर मिलता था, लेकिन अब इस भावना के साथ उनकी तारीफ और गर्व भी जुड़ गया है।
