तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से “क्रिएटिंग रेजिलिएंट, सस्टेनेबल, एक्सेसिबल हेल्थकेयर फॉर ऑल: ए नर्सिंग पर्सपेक्टिव” विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, नई दिल्ली की सीनियर फैकल्टी डॉ. हिमालयानी शर्मा ने नर्सों को बर्नआउट से उबरने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने पीयर सपोर्ट, रिस्पॉन्स, प्रिपेयर्डनेस, रिकवरी, एक्सेप्टेंस, बिलीफ, कमिटमेंट, डिस्कवरी, इवैल्यूएट, एंजॉय, सेल्फ लव, रेजिस्टेंस, सस्टेनेबिलिटी, एक्सेसिबिलिटी, प्रोफेशनल डेवलपमेंट और कोलैबोरेटिव लर्निंग जैसे पहलुओं की विस्तार से व्याख्या की और इन्हें जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही हम करते हैं। हमारे मस्तिष्क में सोचने की असीम क्षमता होती है। यदि हम सकारात्मक सोचते हैं तो हमारे कार्य भी सकारात्मक होते हैं, जबकि नकारात्मक सोच हमें उसी दिशा में ले जाती है।”
डॉ. शर्मा ने नर्सों को तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन, योग, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने कार्य पर फोकस बनाए रखें और कभी हार न मानें। टीबी उन्मूलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह देश को पोलियो मुक्त बनाया गया, उसी तरह सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
डॉ. शर्मा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. एस.पी. सुभाषिनी, प्रिंसिपल प्रो. जेसलीन एम., वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास सहित अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि को बुके और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. एस.पी. सुभाषिनी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एक्सपर्ट टॉक नर्सिंग छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्रिंसिपल प्रो. जेसलीन एम. ने कार्यक्रम की थीम पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. शालिनी जोशी, डॉ. मनोरंजनी जे., श्री रितिक सैनी सहित पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन फैकल्टी सदस्य सुश्री आरती चौधरी ने किया।
