-रोज मिल रहे औसतन २८ नए मरीज
-लेप्टो-गैस्ट्रो-चिकनगुनिया के साए में मुंबईकर
सामना संवाददाता / मुंबई
मानसून में डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों ने मुंबई में डरावना रूप ले लिया है। आलम यह है कि मनपा के तमाम दावों और तैयारियों के बावजूद हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। शहर में हर दिन औसतन २८ नए डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। इस समय डेंगू के ५८ फीसदी और लेप्टो के मामलों में भी ७९ फीसदी की चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से अस्पतालों में बुखार और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य अधिकारी इस वृद्धि का कारण बारिश थमने के बाद फिर से अचानक शुरू होना बता रहे हैं। उनका कहना है इस वजह से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
मनपा के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस साल अब तक डेंगू के कुल १,१६० मामले सामने आए हैं, जिनमें से ४२६ मामले पिछले १५ दिनों में ही दर्ज हुए हैं। इस तरह रोजाना औसतन कम से कम २८ नए मामले मिल रहे हैं। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल डेंगू में २० फीसदी वृद्धि हुई है। इसी तरह लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से जुलाई २०२५ तक दर्ज २४४ मामलों में से १०८ मामले १६ जुलाई से ३१ जुलाई के बीच दर्ज किए गए। हालांकि, यह सिर्फ १५ दिनों में ७९ फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। पिछले साल लेप्टो इस अवधि तक का आंकड़ा २८१ दर्ज किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मलेरिया में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जुलाई के अंत तक मुंबई में ४,१५१ मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि २०२४ में इसी अवधि के दौरान २,८५२ मामले दर्ज किए गए थे।
चिकनगुनिया में भी वृद्धि
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, चिकनगुनिया में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। शहर में जनवरी से जुलाई २०२५ तक २६५ मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ ४६ मामले दर्ज किए गए थे। पिछले १५ दिनों में ही ८६ नए मामले दर्ज किए गए। सकारात्मक बात यह है कि गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामलों में थोड़ी कमी आई है। इस साल जुलाई तक ५,१२८ मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या ५,४३९ थी। डेंगू बीमारी को पैâलाने के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छरों का पता लगाने के लिए वेक्टर नियंत्रण टीमों ने ५,००० से ज्यादा परिसरों का निरीक्षण किया और २९,८४१ एडीज मच्छरों के प्रजनन स्थलों का पता लगाया गया।
१४ लाख घरों का सर्वे, ७० लाख की स्क्रीनिंग
एक से ३१ जुलाई के बीच मनपा ने गहन फील्डवर्क किया और १४.३९ लाख से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया। इसके साथ ही ६९.८९ लाख लोगों की बुखार की जांच की। संक्रमण का पता लगाने के लिए लगभग २.३१ लाख रक्त के नमूने एकत्र किए गए और जागरूकता बढ़ाने के लिए कई स्वास्थ्य शिविर और कार्यस्थल हस्तक्षेप आयोजित किए गए।
