मुख्यपृष्ठस्तंभगजबे है : ईएमआई पर मिलेगा पेट्रोल!

गजबे है : ईएमआई पर मिलेगा पेट्रोल!

उमा सिंह

जिस तेज रफ्तार से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, उसे देखकर अब लोगों का दर्द मजाक और व्यंग्य में बदलने लगा है। कभी जेब पर हल्का पड़ने वाला र्इंधन आज आम आदमी के बजट का सबसे भारी खर्च बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए कहने लगे हैं, ‘वो दिन दूर नहीं, जब पेट्रोल-डीजल भी ईएमआई पर मिलने लगेगा।’
महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि रोजमर्रा की हकीकत बनती जा रही चिंता है। अब तो आम जनता के साथ-साथ भाजपा सांसद की पत्नी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर कर दी है। मध्य प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो से सांसद वी डी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ऐसा ‘फ्यूल वाला फुल टैंक बवाल’ खड़ा कर दिया कि इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। दरअसल, उन्होंने तंज भरे अंदाज में लिखा कि जिस तरह आज बैंक घर, कार और बिजनेस के लिए लोन देते हैं, उसी तरह आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल भी किश्तों यानी ईएमआई पर मिलने लगेंगे। बस फिर क्या था, इंटरनेट की जनता भी एक्टिव हो गई, एक यूजर्स ने तो यहां तक लिख दिया कि अब बाइक स्टार्ट करने से पहले बैंक बैलेंस चेक करना पड़ेगा। राजनीतिक गलियारों में भी इस पोस्ट ने हलचल बढ़ा दी। विपक्ष ने इसे महंगाई पर सरकार की ‘इनसाइड स्वीकारोक्ति’ बता दिया, तो समर्थकों ने इसे सिर्फ हल्का-फुल्का व्यंग्य कहा।
अगर महंगाई की यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में आम आदमी के लिए सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदना भी बड़ी चुनौती बन सकता है। घर का बजट लगातार बिगड़ रहा है, आमदनी वहीं ठहरी है और खर्चे हर महीने नई ऊंचाई छू रहे हैं। ‘ईएमआई पर पेट्रोल’ फिलहाल भले ही एक व्यंग्य लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी सच्चाई बेहद चिंताजनक है। यह तंज उस आर्थिक दबाव की तरफ इशारा कर रहा है, जहां मध्यमवर्ग और गरीब परिवार धीरे-धीरे जरूरतों और समझौतों के बीच पिसते जा रहे हैं।

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