– सामूहिक दुष्कर्म मामले में भाजपा नेता समेत ३ पर केस दर्ज
– आरोपियों में एक अग्निवीर भी शामिल
– चंपावत की घटना ने महिला सुरक्षा के दावों पर चिंता बढ़ाई
`बेटी बचाओ’ के नारों के बीच उत्तराखंड के चंपावत से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती के साथ कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि पीड़िता की हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे निर्वस्त्र छोड़कर फरार हो गए। मामले में भाजपा नेता समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें एक अग्निवीर भी शामिल बताया जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बता दें कि चंपावत में दोस्त संग शादी में गई १६ वर्षीय किशोरी दरिंदगी का शिकार हो गई। उसके दोस्त, भाजपा नेता समेत तीन लोगों ने चाकू की नोक पर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता एक सुनसान घर में निर्वस्त्र मिली। उसके हाथ-पैर भी बंधे हुए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों फरार हैं। आरोपियों में एक अग्निवीर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनकी बेटी चंपावत की एक दुकान में काम करती है। पांच मई की शाम को वह घर नहीं लौटी। फोन करने पर उसने बताया कि सल्ली निवासी उसका दोस्त विनोद सिंह रावत उसे एक शादी समारोह में ले गया है। लेकिन, देर रात तक वह घर नहीं लौटी। रात करीब डेढ़ बजे बेटी ने पिता को फोन किया, लेकिन तुरंत कट गया और फिर मोबाइल ऑफ हो गया। पिता ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। बुधवार तड़के चार बजे पुलिस और ग्रामीणों को किशोरी सल्ली गांव में एक बंद कमरे में रस्सी से बंधी मिली।
गर्दन पर चाकू रखकर गैंगरेप
किशोरी ने बताया कि सल्ली निवासी २० वर्षीय विनोद सिंह रावत, ३० वर्षीय नवीन सिंह और भाजपा नेता ४५ वर्षीय पूरन सिंह रावत ने गले पर चाकू रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीनों ने रस्सी से बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया।
सोशल मीडिया पर बोली पब्लिक
भाजपा राज में कोई भी बेटी सेफ नहीं
चंपावत गैंगरेप मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। भाजपा नेता समेत तीन आरोपियों पर केस दर्ज होने के बाद कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स `एक्स’ पर लोगों ने लिखा कि `बेटी बचाओ’ के नारे सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गए हैं और भाजपा राज में बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं। घटना को लेकर कई लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपियों को जल्द सख्त सजा देने की मांग उठाई है।
पूर्व में गैंगरेप के मामले
२००३ में चंपावत में गैंगरेप
२०२३ में सूखीढांग में महिला से दुष्कर्म
२०२४ में नाबालिग से रेप
