सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और निचले स्तर से लेकर मंत्रालय में कथित रूप से हफ्ता पहुंचाया जा रहा है। इस कारण पुलिस प्रशासन पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। यही वजह है कि राज्य में खुलेआम ड्रग्स का अवैध कारोबार चल रहा है, गांजा बेचा जा रहा है और अवैध शराब भट्ठियों तथा जहरीली शराब का तांडव जारी है। इन्हीं अवैध धंधों के कारण पुणे में जहरीली शराब पीने से २२ निर्दोष लोगों की मौत हुई है। राज्य का गृह विभाग ‘पांडू हवलदार’ चला रहा है, इसलिए हर तरफ अराजकता फैली हुई है।
यह आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मांग की कि देवेंद्र फडणवीस नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें और राज्य को पूर्णकालिक तथा सक्षम गृह मंत्री दें। सपकाल ने कहा कि पुणे में जहरीली शराब से २२ लोगों की मौत के बाद सरकार की नींद खुली है और अब अवैध शराब भट्ठियों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। ये भट्ठियां कोई एक-दो रात में खड़ी नहीं हुई हैं।
