मुख्यपृष्ठनए समाचारशिंदे के सिपाही ही रच रहे हैं ‘साजिश’?

शिंदे के सिपाही ही रच रहे हैं ‘साजिश’?

-परभणी में शिंदे की सभा से पहले जरांगे का पलटवार;
-महायुति में अंदरूनी खींचतान फिर उजागर
-शिरसाट-जाधव पर जरांगे का बड़ा हमला; बोले-‘सुपारी लेकर कर रहे शिंदे के खिलाफ काम’

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के भीतर कथित खींचतान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने शिंदे के करीबी नेताओं संजय शिरसाट और संजय जाधव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जरांगे का दावा है कि शिंदे के करीबी माने जाने वाले यही नेता उनके लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। यानी शिंदे के खिलाफ साजिश में उनके अपने ही सिपाही शामिल हैं, ऐसा आरोप जरांगे ने लगाया है।
शिंदे की सभा से पहले जरांगे का हमला
परभणी में एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन को लेकर जरांगे पाटील ने तीखी नाराजगी जताई। यह कार्यक्रम शिंदे गुट में शामिल सांसद संजय जाधव की ओर से आयोजित किया गया था। जरांगे ने संजय शिरसाट और संजय जाधव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि दोनों ने मिलकर कथित तौर पर षड्यंत्र रचा है। उनका आरोप है कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शिंदे गुट के कुछ नेता ऐसा राजनीतिक खेल खेल रहे हैं, जिससे अंततः एकनाथ शिंदे को ही नुकसान हो सकता है।
‘सुपारी लेकर शिंदे के खिलाफ कर रहे काम’
जरांगे ने आरोप लगाया कि संजय शिरसाट और संजय जाधव कथित तौर पर ‘सुपारी लेकर’ शिंदे के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कथित राजनीतिक गतिविधि के पीछे भाजपा का इशारा हो सकता है।
हालांकि, ये सभी आरोप मनोज जरांगे पाटील की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संजय शिरसाट और संजय जाधव की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना जरूरी होगा।
जाधव को फोन कर दी चेतावनी
जरांगे ने संजय जाधव को फोन कर सीधे चेतावनी भी दी। शिंदे की सभा से पहले जरांगे के इस आक्रामक रुख ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। खासकर महायुति के भीतर की राजनीतिक खींचतान और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जारी टकराव एक बार फिर सामने आया है।

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