सामना संवाददाता / मुंबई
बिंद समाज विकास संघ के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करते हुए “मृत्युभोज बंद करो” अभियान चलाया। अभियान के तहत भदोही, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, सारनाथ और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शेषधर बिंद की अगुवाई में चलाए गए इस अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने तेज आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के घर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस दौरान मृतक परिवारों और ग्रामीणों के साथ बैठकर 13वीं भोज यानी मृत्युभोज की परंपरा पर विस्तार से चर्चा की गई और उसका बहिष्कार करने की अपील की गई। ग्रामीणों ने भी संघ के इस सामाजिक अभियान की सराहना करते हुए मृत्युभोज “न खाने और न खिलाने” का संकल्प लिया।
संघ के कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाया कि कफन और अनावश्यक रस्मों पर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग देना अधिक उपयोगी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को फल या अन्य वस्तुएं देने के बजाय नकद सहयोग दिया जाए, ताकि वह दवा और जरूरी खर्च में काम आ सके।
अभियान में उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट जयशंकर कलंदर बिंद, सूरत (गुजरात) प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद बिंद, महासचिव दीनानाथ बिंद, प्रवक्ता गुलाब चंद्र बिंद, युवासेना अध्यक्ष सुरेश कुमार बिंद, बीएसवीएस न्यूज रिपोर्टर अरविंद बिंद, महिला प्रदेश अध्यक्ष बिंदु बिंद, भदोही जिला अध्यक्ष डॉ. रमाशंकर बिंद, सलाहकार डॉ. हरिश्चंद्र बिंद, संगठन मंत्री मोहनलाल बिंद, राज बिहारी बिंद, उदल कुमार बिंद, बसंत लाल मौर्य, सुभाष बिंद और गोरेलाल बिंद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
