– २० करोड़ में लगाया रेट
– केंद्रीय नेता नितिन मूंदड़ा का सीक्रेट खुलासा
सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र सरकार के अधीन आने वाले महामंडल को कथित तौर पर बेचने का काम भाजपा सरकार में हो रहा है। महारष्ट्र के एक नेता के साथ ऐसा ही कुछ हुआ। उसे महामंडल में नियुक्ति के नाम पर २० करोड़ रुपए का रेट बताया गया। और ५० लाख रुपए एडवांस में मांगे गए। इसका एक सीक्रेट वीडियो बनाया गया। यह खुलासा भाजपा नेता नितिन मूंदड़ा ने खुद किया। महाराष्ट्र के यवतमाल से यह मामला सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
केंद्र सरकार के एक महामंडल में नियुक्ति दिलाने के लिए कथित तौर पर २० करोड़ की डिमांड रखी गई। इसका खुलासा होने के बाद इस प्रकरण में तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के सामने आने के बाद विपक्ष ने भाजपा को घेरते हुए सवाल उठाए हैं कि क्या अब सरकारी और अर्ध-सरकारी पदों की भी ‘बोली’ लगाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, भाजपा के जिला समन्वयक नितिन मूंदड़ा को केंद्र सरकार के एक महामंडल में राज्यमंत्री दर्जे का पद दिलाने का झांसा देकर २० करोड़ रुपए की मांग की गई। आरोप है कि सौदे की शुरुआत के लिए एक करोड़ रुपए की टोकन राशि भी मांगी गई थी।
विपक्ष का हमला-क्या पद भी बिक रहे हैं?
मामले के सामने आने के बाद विपक्ष का आरोप है कि यदि किसी सरकारी महामंडल में नियुक्ति दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की मांग की जा रही है, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता और राजनीतिक नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब महामंडलों के पद भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं? क्या २० करोड़ रुपये देकर कोई भी राज्यमंत्री दर्जे का पद हासिल कर सकता है?’ हालांकि अभी तक जांच में यह साबित नहीं हुआ है कि आरोपियों का किसी आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया से वास्तविक संबंध था या नहीं।
गुप्त रिकॉर्डिंग से खुला मामला
जानकारी के मुताबिक, मूंदड़ा ने कथित सौदेबाजी करनेवालों का पर्दाफाश करने के लिए पूर्व मंत्री मदन येरावार के कार्यालय में विशेष उपकरणों की मदद से बातचीत रिकॉर्ड की। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। इस प्रकरण में लौकिक फुलकर, गणेश राठोड और विश्वजीत राठोड के खिलाफ यवतमाल के अवधूतवाड़ी पुलिस थाने में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
