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भैंसों ने तेंदुआ मार डाला!..अमेठी-सुल्तानपुर के सीमावर्ती गांव-घरों पर कर रहा था कई दिनों से हमले…विधिपूर्वक हुआ अंतिम संस्कार, वन विभाग बनाएगा तेंदुए पर ‘एक था बहादुर स्थल’ व डॉक्यूमेंट्री

विक्रम सिंह / सुल्तानपुर

ये अत्यंत हैरतंगेज खबर है ! वन्य क्षेत्र से निकलकर यूपी के अमेठी-सुल्तानपुर जिले के सरहदी गांव-घरों में आतंक का पर्याय बने एक आक्रामक तेंदुए को शनिवार की रात भैंसों ने मिलकर मार डाला। वजह थी कि उस आक्रामक वन्य जीव ने दुर्भाग्यवश पशुशाला में बंधे भैंस के एक बच्चे पर हमला कर दिया। जिससे वहां मौजूद उस बच्चे (पड़वे) की मां और अन्य भैंसें तेंदुए पर टूट पड़ीं। इस दौरान हिंसक जीव भी भैंसों से भिड़कर गुत्थमगुत्था हो गया। बच्चे को बचाने में भैंस भी बुरी तरह से घायल हो गई। उसका साथ देने के लिए खूंटे से रस्सी तोड़कर पशुशाला की अन्य भैंसों ने भी जमकर संघर्ष किया। आखिरकार तेंदुआ इस लड़ाई में मरणासन्न हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर वनाधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तबतक तेंदुआ निर्जीव हो चुका था। ये घटना अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली अंतर्गत नेवादा गांव में झिंगुरी की पशुशाला में घटित हुई।
अमेठी के डीएम संजय चौहान वन व पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ रात्रि में ही मौके पर पहुंचे। तेंदुए के पोस्टमार्टम के लिये अमेठी, रायबरेली व बाराबंकी के पशु चिकित्सकों की विशेष टीम गठित की गई। रविवार की दोपहर शव का पोस्टमार्टम किया गया और फिर कादूनाला वन्य क्षेत्र में तेंदुए का अन्तिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि तेंदुआ की समाधि अंत्येष्टि स्थल पर बनाई जाएगी। साथ ही दिवंगत वन्यजीव की स्मृति में ‘एक था बहादुर’ स्थली व इसी नाम से वृत्त चित्र भी निर्मित किया जाएगा। बता दें कि कुछ दिनों से ये तेंदुआ वन्य क्षेत्र से भटक कर सुल्तानपुर के हलियापुर, बल्दीराय व अमेठी के मुसाफिरखाना क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में विचरण कर रहा था। उसने तीन ग्रामीणों व कई भैंस, गाय व बकरियों पर हमले कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। जिससे क्षेत्र में दहशत व्याप्त थी। वन विभाग की टीम भी उसे नहीं पकड़ पा रही थी।

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