-सहारनपुर मस्जिद मामले में यूपी सरकार से जवाब तलब, ६.४१ करोड़ रुपए की वसूली पर रोक
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन पर लगाए गए ६.४१ करोड़ रुपए के हर्जाने की वसूली पर भी फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने अधिवक्ता मोहम्मद तनवीर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और मस्जिद प्रबंधक अब्दुल हमीद को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
मामला कलेक्ट्रेट परिसर में ३१५ वर्ग मीटर में बनी मस्जिद का है। सिटी मजिस्ट्रेट ने उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर अधिनियम, १९७२ के तहत इसे खाली कराने और गिराने का आदेश दिया था और ६.४१ करोड़ का हर्जाना लगाया था। जिला अदालत ने २ सितंबर को अपील खारिज कर दी और महज तीन दिन बाद ५ सितंबर को बुलडोजर से मस्जिद गिरा दी गई। याचिकाकर्ता के वकील आशीष कुमार सिंह ने कहा कि स्वामित्व तय किए बिना ही बेदखली और ध्वस्तीकरण किया गया। पुराने राजस्व रिकॉर्ड में वहीद खान और याकूब खान के नाम हैं और मस्जिद वक्फ रजिस्टर में दर्ज है। १९५६ की राजस्व प्रविष्टि का भी हवाला दिया गया। यह मामला २०२५ में बजरंग दल कार्यकर्ता विकास त्यागी की शिकायत के बाद उठा था।
मुतवल्ली तनवीर अहमद का दावा है कि मस्जिद ११५ साल पुरानी है, १९११ से पहले की है और पूजा स्थल अधिनियम, १९९१ के तहत संरक्षित है। वहीं, अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने विरोध किया।
