-दो दिन में जवाब दो, वर्ना होगी कार्रवाई
-पालकमंत्री के आदेश से भाजपा को बड़ा झटका!
-डिब्बे में प्याज-लहसुन पर रोक का मामला गरमाया
सामना संवाददाता / मुंबई
मीरा रोड की सेवन इलेवन स्कूल में विद्यार्थियों के डिब्बे को लेकर जारी किया गया फरमान अब भाजपा और शिंदे गुट के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े स्कूल में विद्यार्थियों के भोजन पर धार्मिक आधार पर कथित प्रतिबंध लगाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सीधे कार्रवाई का डंडा चलाया है। ठाणे जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी देवीदास महाजन ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
शिक्षा विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के खाने-पीने की आदतों पर धार्मिक कारणों से प्रतिबंध लगाना और उसके कारण बच्चों पर मानसिक दबाव पैदा होना बाल अधिकारों से संबंधित प्रावधानों के विपरीत हो सकता है। स्कूल का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर शैक्षणिक नियमों और बाल अधिकारों से जुड़े कानूनों के तहत कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मामला पर्यूषण पर्व के दौरान स्कूल के अभिभावक समूह में जारी किए गए संदेश से शुरू हुआ था। स्कूल की ओर से अभिभावकों से कहा गया था कि विद्यार्थी डिब्बे में प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर जैसे खाद्य पदार्थ न लाएं। संदेश सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी पैâल गई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी स्कूल के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। शिक्षा विभाग के नोटिस के बाद अब स्कूल प्रबंधन को दो दिन के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। यदि विभाग को स्कूल का जवाब संतोषजनक नहीं लगा तो प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
मेहता और सरनाईक के बीच राजनीतिक मतभेद?
इस पूरे घटनाक्रम को अब केवल स्कूल का मामला नहीं, बल्कि मीरा-भायंदर की महायुति राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और शिंदे गुट के नेता सरनाईक के बीच राजनीतिक मतभेद पहले से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में पालकमंत्री के उनके आदेश पर मेहता से जुड़े स्कूल पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई ने महायुति के भीतर चल रहे टकराव को और हवा दे दी है।
