सीमा श्रीवास्तव
रियलिटी टीवी की दिग्गज हस्ती ऐस्लीन होर्गन-वालेंस जिसे बुलबुल भी कहते हैं पर बुली डॉग ने जबरदस्त हमला बोला। जब इस डॉग के खिलाफ उसने बयान दिया तो डॉग लवर्स ने उसे आड़े हाथों ले लिया। अपनी दर्दभरी घटना से परेशान होर्गन तब हैरान रह गई, जब खूनी कुत्ते के हमले के बाद उसके ही खिलाफ एक ‘शैतानी’ नफरत अभियान शुरू हो गया, जिसका उसने करारा जवाब दिया है। बिग ब्रदर की पूर्व स्टार, ४७ वर्षीय इस बुलबुल यानी होर्गन पर एक घरेलू बेबी शॉवर पार्टी में ताकतवर बुली कुत्ते ने हमला बोल दिया। उसकी गर्दन की नस के पास कुत्ते के दांत गड़ गए थे, उसे जल्द अस्पताल ले जाया गया। अपनी चुप्पी तोड़ते हुए होर्गन ने बताया, जब उसने अपनी हड्डियों के टूटने की आवाज सुनी तो उसे वैâसा महसूस हुआ और जब उन इंटरनेट ट्रोल्स को देखा तो हैरान रह गई, जिसमें डॉग लवर्स ने उसे ही दोषी बताया। होर्गन ने पालतू जानवर रखने का लाइसेंस कानूनों की मांग की है। बुली डॉग ने जब उस पर हमला बोला तो होर्गन को लगा वो नहीं बचने वाली। वो कहती है कि उसने मुझे ठीक कॉलरबोन के ऊपरी हिस्से पर काटा और मुझे उसके टूटने की आवाज सुनाई दी। यह बहुत भयानक था, मेरे शरीर पर जिंदगी भर के लिए निशान रह जाएंगे। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस स्टार को कुत्ते के दीवानों की तरफ से भयंकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। अब, ऐस्लीन सच्चाई सामने ला रही है और बड़ी नस्लों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है।
लिली की फर्जी चैरिटी
ऐसा भी होता है। एआई से तस्वीरें बनवाई और धन कमाया। जी हां, एक ग्लैमरस इन्फ्लुएंसर पर फर्जी चैरिटी करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें उसने अपने सोशल मीडिया वीडियो में कृत्रिम रूप से निर्मित गरीब बच्चों को दिखाया है। लिली जे हिंसन ने इस्लाम में अपने धर्मांतरण का दस्तावेजीकरण करके और धर्मार्थ अभियानों के भावनात्मक क्लिप साझा करके सोशल मीडिया पर भारी संख्या में फॉलोअर्स बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली ३१ वर्षीय इस युवती के इंस्टाग्राम पर लगभग तीन मिलियन फॉलोअर्स हैं। उसके वीडियो में दावा किया गया है कि युगांडा, नेपाल, सूडान और गाजा जैसे गरीबी से त्रस्त देशों में बच्चों को भोजन, सहायता और समर्थन वितरित किया जा रहा है। लेकिन एक सनसनीखेज जांच में आरोप लगाया गया है कि फुटेज में दिखाई देने वाले कुछ बच्चे, सहायता कर्मी और यहां तक कि लिली खुद भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बनाए या उनमें हेरफेर किए गए थे। एबीसी न्यूज वेरीफाई के जांचकर्ताओं ने लिली जे फाउंडेशन से जुड़े खातों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा निर्मित सामग्री का एक सिलसिला उजागर किया। एक वीडियो क्लिप, जिसे बाद में हटा दिया गया, में लिली को लॉलीपॉप पकड़े हुए मुस्कुराते हुए अप्रâीकी बच्चों के साथ पोज देते हुए दिखाया गया था। जांचकर्ताओं ने पाया कि बच्चे और उनके पीछे प्रदर्शित लिली जे फाउंडेशन का बैनर दोनों कथित तौर पर कृत्रिम रूप से बनाए गए थे। वीडियो को बाद में डिलीट कर दिया गया।
