मुख्यपृष्ठसमाचारपेपर लीक मुद्दे पर सर्किट हाउस में टकराव: बोले सांसद संजय सिंह,...

पेपर लीक मुद्दे पर सर्किट हाउस में टकराव: बोले सांसद संजय सिंह, लोकतंत्र में चर्चा भी अपराध?

राजेश सरकार / प्रयागराज

प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर सर्किट हाउस में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अधिकारियों की मौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताया।
जानकारी के अनुसार, सांसद संजय सिंह प्रतियोगी छात्रों के साथ संवाद कर रहे थे। इसी दौरान सभागार में अपर जिलाधिकारी (सिटी) सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। अधिकारियों ने सांसद से अलग चलकर बातचीत करने का अनुरोध किया, जिस पर संजय सिंह नाराज हो गए और उन्होंने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई।
संजय सिंह ने कहा, “जिस परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने से आप रोकने आए हैं, उसी परीक्षा को पास करके आप अधिकारी बने हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छात्रों की समस्याओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना अपराध है।
सांसद ने अपनी जगह से उठने से इनकार करते हुए कहा कि वह कोई कानून-व्यवस्था नहीं बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्किट हाउस के अंदर आयोजित एक वैध कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का उन्हें अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके संसदीय अधिकारों का हनन कर रहा है और इस मामले की शिकायत विशेषाधिकार समिति (प्रिविलेज कमेटी) से की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान सर्किट हाउस परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस पर भी सांसद ने आपत्ति जताई और कहा कि सर्किट हाउस किसी अधिकारी की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे से बना सार्वजनिक संस्थान है।
संजय सिंह ने कहा, “बंद कमरे में छात्रों के भविष्य और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। क्या लोकतंत्र में इस विषय पर बात करना भी गुनाह हो गया है? लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और प्रशासन कह रहा है कि इस पर चर्चा मत कीजिए।”
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

अन्य समाचार

अल्फाज

ख्याल!