-सीटों को लेकर भाजपा-शिंदे गुट आमने-सामने, दादा गुट तटस्थ
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में १७ विधान परिषद सीटों के चुनाव से पहले महायुति में अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आ गया है। स्थानीय स्वराज संस्थाओं से चुनी जाने वाली इन सीटों के लिए चुनाव घोषित होने के बाद सीट बंटवारे को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच तनाव बढ़ गया है। भाजपा और शिंदे गुट में सिर फुटौवल शुरू है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा सहयोगी दलों की राजनीतिक ताकत सीमित करने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि शिंदे गुट भी दबाव की राजनीति के जरिए अपनी साख बचाने के लिए परेशान है।
महायुति में अब तक कुछ सीटों पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, लेकिन, ठाणे, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान जारी है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा ११ सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है, जबकि शिंदे गुट को केवल ३ सीटें और को २ सीटें मिलने की चर्चा है।
इसी सीट बंटवारे को लेकर शिंदे समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज है कि भाजपा महाराष्ट्र में सहयोगी दलों को कमजोर कर अपने संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वहीं शिंदे गुट इसे अपनी राजनीतिक जमीन पर सीधा हमला मान रहा है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यदि सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं तो शिंदे गुट आक्रामक रुख अपना सकता है।
नए समीकरण के आसार
-दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी ने सभी १७ सीटों पर चुनाव लड़ने का पैâसला कर महायुति की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महाविकास आघाड़ी में तीनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। ऐसा दावा किया जा रहा है।
-जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें सोलापुर, अहिल्यानगर, ठाणे, जलगांव, सांगली-सातारा, नांदेड, यवतमाल, पुणे, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, नासिक, वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली, अमरावती, धाराशिव-लातूर-बीड, परभणी-हिंगोली, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर-जालना शामिल हैं।
-विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति में बढ़ती यह खींचतान आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।
