-‘न्याय की लड़ाई में छात्रों के साथ कांग्रेस’
सामना संवाददाता / मुंबई
नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर मुंबई समेत देशभर में जारी आंदोलनों के बीच मुंबई कांग्रेस ने आंदोलनकारी छात्रों की मदद के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने बताया कि आंदोलन या ऐसी किसी भी परिस्थिति में छात्रों और नागरिकों को आवश्यक कानूनी सहायता तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए यह टास्क फोर्स सक्रिय रहेगा।
राजहंस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से आंदोलन में शामिल युवाओं और नागरिकों पर कार्रवाई कर रही है। कई स्थानों पर छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने के मामले भी सामने आए हैं।
सुरेशचंद्र राजहंस ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आंदोलनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुंबई कांग्रेस ने विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत जिला स्तर पर समन्वयक नियुक्त किए गए हैं और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक वकील तैनात किया गया है। यह टीम आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना करनेवाले छात्रों और नागरिकों को आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
‘युवा देश की सबसे बड़ी ताकत, फिर भी सड़कों पर संघर्ष को मजबूर’
कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता राजेश टेके ने कहा कि देश के युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत और संपत्ति हैं, लेकिन आज उन्हें अपने न्याय और शैक्षणिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। अपने भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए देशभर में लाखों छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने छात्रों के इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। कांग्रेस की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान भी चलाया जा रहा है।
