-बिहार स्वास्थ्य विभाग में ३०६ करोड़ के
-घोटाले का आरोप, गरमाई सियासत
-आरटीआई से सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
-बिहार स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन और पॉलिथीन खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, १,५०० रुपए का डस्टबिन १५,००० रुपए में खरीदा गया।
बिहार स्वास्थ्य विभाग में कथित घोटाले ने सियासत गरमा दी है। आरोप है कि करीब १,५०० रुपए का डस्टबिन १५,००० रुपए में खरीदा गया और ३०६ करोड़ रुपए की खरीद में गड़बड़ी हुई। विपक्ष ने सरकार पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत सामने आई जानकारियों के आधार पर विपक्ष ने सरकार पर ३०६ करोड़ रुपए के भारी भरकम घोटाले का आरोप लगाया है।
पूरा मामला पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के कार्यकाल के दौरान सरकारी अस्पतालों के लिए की गई खरीदारी से जुड़ा बताया जा रहा है। आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया जा रहा है कि अस्पतालों के लिए प्लास्टिक के डस्टबिन और पॉलिथीन शीट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई। बाजार भाव से लगभग दस गुनी अधिक कीमत चुकाकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया। कुल मिलाकर करीब ३०६ करोड़ रुपए के सरकारी बजट के बंदरबांट का गंभीर आरोप लगाया गया है।
अब डस्टबिन भी वीवीआईपी हो चुका है
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और पार्टी के अन्य नेताओं ने सम्राट सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। रोहिणी आचार्य ने भी इस खरीद पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में अब डस्टबिन भी वीवीआईपी हो चुका है। विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि जब आम जनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स का पैसा जमा होता है, तो उसका इस तरह बेजा इस्तेमाल कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
