-‘ऐसा कुछ न करें, जिससे सरकार की छवि हो खराब’
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा सोलापुर में अवैध रेत खनन रोकने गर्इं महिला आईपीएस अंजना कृष्णा से बहस करने और फोन पर कथित धमकी देने का मामला तूल पकड़ गया है। सूत्रों की मानें तो इस विवाद पर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की सीएम फडणवीस ने अच्छी तरह से क्लास ली है। देवाभाऊ के नाम से मशहूर देवेंद्र फडणवीस ने दादा को दम देते हुए कहा कि एक तो ऐसे ही मुश्किलें कम नहीं हैं। ऊपर से ऐसे विवाद सरकार की मुश्किलें बढ़ाती हैं इसलिए ऐसा काम बिल्कुल भी न करें, जिससे सरकार की छवि पर बट्टा लगे। किसी भी अधिकारी से बात करने से पहले दो बार सोच कर ही बात करें। फडणवीस की इस फटकार के बाद दादा दुबक गए। उनसे कुछ भी बोलते न बना।
गुंडों के संरक्षण में जुटी है ‘महायुति’!
राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत दादा पवार द्वारा एक महिला आईपीएस अधिकारी को फोन पर धमकाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दादा ने फोन करके धमकाने वाले अंदाज में उक्त अधिकारी को गुंडों के खिलाफ कार्रवाई रोकने को कहा था। वहां मौजूद लोगों ने दादा की पूरी बातचीत को रिकॉर्ड करके वायरल कर दिया। इस मामले में विपक्ष ने भी दादा के साथ ही पूरी महायुति सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि यही सरकार का असली चेहरा है। महायुति राज्य में गुंडों का संरक्षण कर रही है।
बता दें कि इस मामले में दादा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी कानूनी कार्रवाई में हस्तक्षेप करना नहीं था, बल्कि वहां कोई विवाद न हो इसलिए बीच-बचाव के उद्देश्य से उन्होंने फोन किया था। उधर भाजपा विधायक व सोलापुर के पालक मंत्री जयकुमार गोरे ने अजीत पवार को गलत बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी को उसकी ड्यूटी करने से रोकना उचित नहीं है। इस मामले में वे सीएम से बात करेंगे और कार्रवाई के लिए अधिकारियों को छूट देने की मांग करेंगे। बता दें कि वायरल वीडियो में अजीत पवार को महिला आईपीएस अंजना कृष्णा को कथित तौर पर फटकार लगाते हुए देखा जा सकता है। वह सोलापुर में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं।
गुंडों के हौसले बुलंद
वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने पवार पर हमला बोला। उसने आरोप लगाया कि अजीत पवार खनन माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। उन्हें सरकार में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसे उप मुख्यमंत्री के रहते गुंडों के हौसले बुलंद होते हैं। दादा खुद अनुशासन की बात करते हैं, सीएम, आप इतने अनुशासित हैं न? फिर यह अनुशासन कहां गया? महिला आईपीएस को अपनी पार्टी के चोरों के लिए क्यों डांटा? एनसीपी सांसद धैर्यशील माने ने कहा कि यही सरकार का असली चेहरा है। सरकार को किसे बचाना है, किसे जेल में डालना है, यह साफ जाहिर हो रहा है। सरकार गुंडों के संरक्षण में जुटी है।
दादा की सफाई
अजीत पवार ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा कि सोलापुर जिले में पुलिस अधिकारियों से मेरी बातचीत के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मेरा इरादा कार्रवाई रोकने का नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि स्थिति बिगड़े नहीं। मैं अपने पुलिस बल और महिला अधिकारियों का सम्मान करता हूं। कानून का शासन मेरे लिए सर्वोपरि है और रेत खनन सहित हर अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग
उधर दादा के एक विधायक अमोल मिटकरी ने तो उलटे उस महिला अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग करते हुए एक पत्र भी लिखा। मिटकरी ने कहा कि पवार का उद्देश्य कार्रवाई रोकना नहीं था, वीडियो जानबूझकर लीक किया गया, ताकि डिप्टी सीएम की छवि को नुकसान पहुंचे।
