छत्तीसगढ़। स्कूलों में बच्चों की नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी जिन शिक्षकों पर होती है, कभी-कभी वही सबसे कमजोर कड़ी साबित हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के एक प्राइमरी स्कूल से ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक असिस्टेंट टीचर बच्चों को अंग्रेजी के बेहद बुनियादी शब्द भी गलत लिखकर सिखा रहे थे। वायरल वीडियो में टीचर साहब ‘इaूप्ी-श्दूप्ी’ को ‘इa्ी-श्a्ी’ लिखते दिखाई दिए और कान, आंख, नाक जैसे आसान शब्दों की स्पेलिंग भी सही नहीं बता पाए। वीडियो सामने आते ही लोग भौंचक्के रह गए कि आखिर जिस पर बच्चों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी हो, वह खुद बुनियादी ज्ञान से इतना दूर वैâसे हो सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है।
इस वीडियो में टीचर ब्लैक बोर्ड पर बच्चों को अंग्रेजी में बॉडी पार्ट्स की स्पेलिंग सिखाते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वह आंख, कान और नाक को अंग्रेजी के शब्दों में सही से नहीं लिख पाए। सिर्फ कान, नाक ही नहीं वह माता-पिता और संडे-मंडे की स्पेलिंग भी गलत लिख रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद बवाल मच गया लोगों ने सवाल उठाए कि अगर टीचर ही गलत सिखाएंगे तो बच्चों के ज्ञान का आधार वैâसा बनेगा?
शिक्षक सस्पेंड
शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव ने पूरी रिपोर्ट मांगी और क्लस्टर कोऑर्डिनेटर को स्कूल भेजा। जांच में यह साफ हो गया कि वीडियो में जो गलतियां दिख रही थीं, वे बिल्कुल सही थीं। इसी आधार पर असिस्टेंट टीचर प्रवीण टोप्पो को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। इस प्राइमरी स्कूल में कुल ४२ बच्चे और सिर्फ दो शिक्षक हैं। अब एक शिक्षक के हटने के बाद पूरी पढ़ाई ठप जैसी हो गई है, क्योंकि बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्टाफ ही नहीं बचा।
