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रेलवे की लिफ्ट में अय्याशी!..मीरा रोड स्टेशन में मिला कंडोम…स्टेशन मास्टर मामले से अनभिज्ञ

-आरपीएफ की लापरवाही से स्टेशन परिसर में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ

जेदवी / मुंबई

मुंबई में उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के परिसरों में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ बढ़ती जा रही है। इनके सामने रेल प्रशासन लाचार नजर आ रहा है। हालत यह है कि नए-नवेले बने चकाचक रेल्वे स्टेशनों पर अय्याशी भी शुरू है। ऐसा ही एक मामला मीरा रोड स्टेशन पर देखने को मिला है, जहां प्लेटफॉर्म नंबर चार पर बने लिफ्ट में अय्याशी के सबूत मिले हैं। लिफ्ट के भीतर यूज्ड कंडोम मिले हैं।
संदेह के घेरे में रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा!
मीरा रोड रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन की लापरवाही का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। स्टेशन की लिफ्ट में कंडोम का पैकेट और इस्तेमाल किया गया कंडोम मिलने से यात्रियों में भारी नाराजगी पैâल गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी गंभीर और आपत्तिजनक घटना की जानकारी तक रेल प्रशासन को नहीं थी। इस घटना ने स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे प्लेटफॉर्म क्रमांक ४ की लिफ्ट का उपयोग कर रही एक महिला यात्री की नजर वहां पड़े कंडोम पर पड़ी। इसके बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोगों का कहना है कि मीरा रोड जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद यदि लिफ्ट जैसी सार्वजनिक जगहों पर ऐसी सामग्री पड़ी रहे तो सुरक्षा व्यवस्था के दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है।
यात्रियों ने आरोप लगाया कि स्टेशन परिसर धीरे-धीरे नशेड़ियों, असामाजिक तत्वों और अवैध फेरीवालों का अड्डा बनता जा रहा है। करोड़ों रुपए खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि कैमरे चालू हैं तो ऐसी हरकत करने वालों की पहचान कर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि कैमरे बंद हैं तो इसकी जवाबदेही किसकी है?
एस्केलेटर के पास गंदगी का साम्राज्य
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर ४ पर चर्चगेट साइड पर स्थित एस्केलेटर की हालत काफी खराब है। वहां प्रवेश करते ही गंदगी और बदबू पैâली रहती है। वहां कुछ भिखारी और अवांछित तत्व अड्डा जमाए रहते हैं, जिससे यात्रियों का वहां से गुजरना दूभर हो गया है।
नियमित रूप से कार्रवाई
परे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक का कहना है कि रेल प्रशासन द्वारा थूकने और गंदगी पैâलाने वालों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है। स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा का वातावरण बनाए रखने के लिए सभी यात्रियों का सहयोग अपेक्षित है।
सुरक्षा खतरे में
यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन की लिफ्ट तक सुरक्षित नहीं है तो महिला यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? नागरिकों ने स्टेशन परिसर में विशेष सुरक्षा अभियान चलाने, सीसीटीवी निगरानी की जवाबदेही तय करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
स्टेशन मास्टर को पता नहीं
स्टेशन मास्टर अभिमन्यु कुमार से बात करने पर उन्होंने घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। सीसीटीवी कैमरों की स्थिति को लेकर भी वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उनका कहना था कि वैâमरों की निगरानी भायंदर स्थित कंट्रोल रूम से होती है। स्टेशन परिसर में चरसी और नशेड़ियों की बढ़ती मौजूदगी के सवाल पर भी वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उनका कहना था कि कार्रवाई की जाती है, लेकिन लोग फिर वापस आ जाते हैं।

दोनों की साझा जिम्मेदारी
‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम अपने यात्रियों से रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने की अपील करते हैं। स्टेशन और ट्रेनों की सफाई बनाए रखना रेलवे तथा यात्रियों, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।’
-विनीत अभिषेक, (सीपीआरओ, परे)

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