मुख्यपृष्ठस्तंभदिल्ली लाइव : काले हिरण ने की थी आत्महत्या!

दिल्ली लाइव : काले हिरण ने की थी आत्महत्या!

अरुण कुमार गुप्ता

हिंदुस्थान की करीब १४० करोड़ जनता ने ऐसे ही थोड़े न मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया है। मोदी जी बहुत दरियादिल इंसान हैं। इनके पास जो भी आता है, क्लीनचिट हो जाता है। यही नहीं, आपने कोई अपराध किया हो मोदी जी माफ कर देते हैं। जिस व्यक्ति का स्टिंग करके उसका वीडियो अपनी ही पार्टी के चैनल पर अपलोड कर एक्सपोज किया था, उसे पश्चिम बंगाल का सीएम बना दिया। २०१४ से अब तक जिन २५ राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उनमें से २३ को भाजपा के साथ आने के साथ ही क्लीनचीट मिल गई। इसका ताजा उदाहरण असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा हैं, जिन पर शारदा चिट फंड घोटाले के आरोप लगे थे और उनके घर पर सीबीआई की रेड भी पड़ी थी। हिमंता ने समझदारी दिखाई और २०१५ में ‘भगवान जी’ की पार्टी में शामिल हो गए। आज हिमंता असम के मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसी तरह ७०,००० करोड़ के सिंचाई घोटाले का आरोप अजीत पवार पर लगाया था, लेकिन बीजेपी के साथ आते ही उन्हें महाराष्ट्र का उप मुख्यमंत्री बना दिया गया। अब लोग बोल रहे हैं कि यदि सलमान खान बीजेपी में शामिल हो जाएं तो मोदी जी साबित कर देंगे काले हिरण ने आत्महत्या की थी। इसमें कोई दो राय नहीं है। इसलिए यदि आपसे भी कोई अपराध हुआ है, जैसे रेप, मर्डर, डकैती तो आप भी बीजेपी में शामिल हो जाएं। सारे अपराध माफ हो जाएंगे और आप दूध की तरह सफेद हो जाएंगे। यानी बिल्कुल क्लीन।
मोदी के १२ साल, रुपया बेहाल!
`बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ के लोक लुभावने नारे के साथ देश की सत्ता हथियाने वाले नरेंद्र मोदी के १२ साल के कार्यकाल में रुपया रसातल में पहुंच गया है। नतीजे में महंगाई सुरसा की तरह मुंह बड़ा करते जा रही है। देश की जनता महंगाई से बेहाल है। मोदी जी लोगों को आज भी जुमले का घूंट पिला रहे हैं। २०१४ में १ डॉलर ५८.९४ रुपए के बराबर था। साल २०१९ में रुपया १७ज्ञ् से ज्यादा गिरकर ६९.३७ प्रति डॉलर हो गया। जून २०२४ में डॉलर के मुकाबले रुपया ८३.३८ पर पहुंच गया था। साल २०२६ में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब ९६ रुपए तक पहुंच गया है। यही नही पिछले दो सालों में रुपए में लगभग १४.७५ज्ञ् की गिरावट आई है। कुल मिलाकर मोदी के १२ साल के कार्यकाल में रुपया डॉलर के मुकाबले ६२.३३ज्ञ् कमजोर कमजोर हुआ है। एक तरफ भारतीय रुपया गिरता ही जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी कंगाल देश पाकिस्तान का रुपया पिछले छह महीनों में डॉलर के मुकाबले १.३१ज्ञ् मजबूत हुआ है। पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा की स्थिति बेहतर हुई है। यही नहीं चीन की करेंसी रेनमिन्बी (युआन) डॉलर के मुकाबले तीन साल के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंची। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने मई में युआन की डेली फिक्सिंग ६.८४६७ प्रति डॉलर तय की। रुपए के रसातल में पहुंचने के साथ ही देश में महंगाई चरम पर पहुंचती जा रही है, लेकिन हमारे मोदी जी हैं कि उन्हें कोई चिंता नहीं है। ऐसी स्थिति के बावजूद आज भी लोगों को जुमले का घूंट पिला रहे हैं।

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