सामना संवाददाता / मुंबई
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने के बाद अब दालों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, इससे आम जनता की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनजर एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बीते १५ दिनों में ७.५० रुपए तक बढ़ गई हैं, वहीं अब ट्रांसपोर्टेशन और मौसम की मार से दालों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम इन दिनों बढ़े हैं। क्रूड ऑयल महंगा होने से पहले ही आयात महंगा हो गया है। अब देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर मालभाड़े पर पड़ रहा है। ट्रकों का किराया पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है, इससे मंडियों से किराना दुकानों तक दाल पहुंचाने की लागत बढ़ गई है। बेमौसम बारिश और अल-नीनो की वजह से देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़द और तुअर या अरहर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से आयात भी महंगा हो गया है इसलिए देश में दालों की कीमतें बढ़ती जा रही हैं।
दाल कीमत
अरहर- ११५-१५० रुपए
उड़द- ११०-१४० रुपए
मूंग- ९५-१३० रुपए
मसूर- ८५-११० रुपए
चना दाल- ८०-९५ रुपए
