मुख्यपृष्ठनए समाचारड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश...मीरा-भायंदर के जुड़े तेलंगाना से तार!

ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश…मीरा-भायंदर के जुड़े तेलंगाना से तार!

– बांग्लादेशी महिला सहित १२ गिरफ्तार

– करोड़ों रुपए के ड्रग्स और निर्माण सामग्री बरामद

सुरेश गोलानी / मुंबई

ड्रग्स के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तलय से जुड़ी क्राइम ब्रांच यूनिट (जोन ४) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। आयुक्त निकेत कौशिक के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट ने पुलिस निरीक्षक प्रमोद बढ़ाख के नेतृत्व में तेलंगाना राज्य में चल रही मेफेड्रोन (एमडी) नामक ड्रग्स बनाने की पैâक्ट्री का पर्दाफाश कर बड़ी मात्रा में ड्रग्स के अलावा इसे बनाने में उपयोग होने वाले करोड़ों रुपए के नशीली रसायन और निर्माण सामग्री बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, ८ अगस्त २०२५ को उन्होंने काशीमीरा से फातिमा मुराद शेख मोल्ला नाम की बांग्लादेशी महिला को १०५ ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया। मोल्ला के खिलाफ काशीमीरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया था। इस मामलें में पुलिस ने महिला के अलावा और ९ तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से १७८ ग्राम एम डी ड्रग्स बरामद किया, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत २३ लाख ९७ हजार है। पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों को पता चला कि महिला और अन्य लोकल तस्करों को ड्रग्स की सप्लाई तेलंगाना राज्य में कार्यरत एक संगठित गैंग के माध्यम से की जा रही थी।
गैंग के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा करने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट ने बढ़ाख के नेतृत्व में शुक्रवार (५ सितंबर) को तेलंगाना के चेरापल्ली इलाके में स्थित एक कारखाने में छापा मारा। छापे के दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट को ५ किलो ७९० ग्राम तैयार एम डी, ३५,५०० लिटर रसायन, ९५० किलो पाउडर और अन्य निर्माण सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा पुलिस ने २७ मोबाइल फोन, ३ चार पहिया गाड़ियां और एक बाइक को भी जब्त कर कारखाना चलाने वाले दो लोग श्रीनिवास विजय वालोती और तानाजी पंडरीनाथ पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है। दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र पुलिस को पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की खेप को जब्त करने में कामयाबी हासिल हुई है।
हाटकेश इलाका बना ड्रग्स का हॉटस्पॉट
काशीमीरा स्थित हाटकेश इलाका ड्रग्स विक्री और अन्य असामाजिक गितिविधियों का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इलाके में कोर्ट की मौजूदगी के बावजूद यहां नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। वैâफे की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का पार्लर और ढाबों के कारण यहां असामाजिक तत्वों का आना-जाना लगा रहता है जो चरस, हेरोइन, गांजा, अफीम के अलावा नशीली दवाएं सप्लाइ करने का काम कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार रात को तो घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है।

अन्य समाचार