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शपथ ग्रहण पर `ग्रहण’ … सरकार बनने से पहले ही टूटेगा भाजपा-जदयू गठबंधन!

स्पीकर पद से लेकर गृह-वित्त मंत्रालय तक दोनों दलों की दावेदारी तेज
सामना संवाददाता / पटना
बिहार में नई सरकार के २० नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के बीच मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों और विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर जोरदार खींचतान जारी है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को भी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच विधानसभा अध्यक्ष पद से लेकर गृह व fिवत्त मंत्रालय को लेकर दोनों दलों की सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं तथा दोनों ही दल पद पर अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं। दोनों ही पार्टियां इन मंत्रालयों पर अ़ड़ी हुई हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कल बिहार में होनेवाले शपथ ग्रहण में `ग्रहण’ लग गया है। दोनों दलों के बीच मनमुटाव अब खुलकर सामने आ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा यह चिंता जताई जा रही है कि हो सकता है कि बिहार में सरकार बनने से पहले ही भाजपा-जदयू गठबंधन टूटेगा।
सूत्रों ने बताया कि जदयू के वरिष्ठ नेता और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी इसके लिए नई दिल्ली में लगातार बैठकें कर रहे हैं, जहां विधानसभा अध्यक्ष पद के साथ-साथ महत्वपूर्ण विभागों के बंटवारे पर भी चर्चा हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में जदयू के विजय चौधरी और भाजपा के प्रेम कुमार के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में राजग के प्रमुख घटक दल भाजपा और जदयू के पांच से छह नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। महनार विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले जदयू की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना है।

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