पंजाब में शनिवार, ९ मई २०२६ को ईडी की कार्रवाई ने सियासी तापमान बढ़ा दिया। खबरों के अनुसार, ईडी ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े ठिकानों पर धनशोधन जांच के सिलसिले में तलाशी अभियान चलाया। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार, यह कार्रवाई कथित फर्जी जीएसटी लेन-देन और निर्यात से जुड़े मामले में हुई, जबकि द ट्रिब्यून ने दावा किया कि लंबी तलाशी के बाद संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईडी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया था, इसलिए गिरफ्तारी की पुष्टि को सावधानी से देखना जरूरी है। इस बीच आप नेता संजय सिंह ने तीखा हमला करते हुए ईडी को भाजपा का ‘सुपारी किलर’ बताया और आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल हो रहा है। भाजपा की ओर से उलटा आरोप लगाया गया कि आप भ्रष्टाचार के सवालों से बचने के लिए केंद्र पर दोष मढ़ रही है। कुल मिलाकर, यह मामला अब सिर्फ ईडी जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि २०२७ के पंजाब चुनाव से पहले भाजपा बनाम आप की खुली राजनीतिक लड़ाई का नया मोर्चा बन गया है।
