राजेश सरकार / प्रयागराज
कचहरी परिसर में जिला अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशानुसार 7 अगस्त को मतदान की तिथि तय की गई है। इस बार के चुनाव में विभिन्न पदों के लिए कुल 130 प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं, जिनकी हार-जीत का फैसला 6,953 पंजीकृत मतदाता अधिवक्ता करेंगे।
चुनावी मैदान में प्रत्याशी: अध्यक्ष, महासचिव सहित कार्यकारिणी के विभिन्न पदों के लिए 130 उम्मीदवार चुनाव मैदान पर डटे हुए हैं। निर्वाचित होने वाली नई कार्यकारिणी का कार्यकाल एक वर्ष का होगा।
– प्रवेश के लिए अनिवार्य नियम चुनाव एल्डर कमेटी और सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में बेहद सख्त नियमों के साथ कराया जा रहा है। मतदान केंद्र में केवल उन्हीं वकीलों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास अपना सीओपी यानी सर्टिफिकेट आफ प्रेक्टिस कार्ड या वैध बार पंजीकरण परिचय पत्र होगा। बिना कार्ड के किसी भी अधिवक्ता को वोट डालने या परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
कोर्ट के आदेश पर हो रहा है चुनाव
इस बार का चुनाव इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बाद संपन्न कराया जा रहा है। पहले विभिन्न प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी हो रही थी, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनावी तारीख मुकर्रर की गई।
सुरक्षा व्यवस्था
अधिवक्ता संघ के चुनाव में कचहरी परिसर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। मतदान स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन द्वारा अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। ताकि शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया संपन्न हो सके।
चुनावी मुद्दे
कचहरी के गलियारों में प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार वकीलों के बीच चैंबर आवंटन, जूनियर वकीलों के लिए स्टाइपेंड, कचहरी परिसर में बुनियादी सुविधाएं (जैसे साफ पानी और शौचालय), और अधिवक्ताओं की सुरक्षा व सम्मान जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। 7 अगस्त को होने वाले इस मतदान पर पूरे जिले के विधिक सेवा से जुड़े लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
