-अधिकारियों पर भड़की, बोली प्रदूषण रोको
-ईडी की तरह एसटीपी प्लांट पर छापे मारो
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार में इन दिनों कई विभागों के बजट इधर-उधर किए जाने से खुद मंत्री भी परेशान हैं। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने अपना दुख खुलकर व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रदूषण को रोकना मेरा काम है। मेरा काम पुलिस की तरह सीटी बजाने का है। मेरा विभाग तो है, लेकिन विभाग के पास कोई बजट नहीं है। हमें बजट तभी मिलता है, जब उद्योग विभाग की गलती की फाइल हमें भेजी जाती है। इन शब्दों में पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
नासिक में पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में उद्योगपतियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पंकजा ने अपने विभाग को लेकर अपना दुखड़ा रोया। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र की समस्याएं, बढ़ते प्रदूषण के कारण और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर चर्चा हुई। इसी चर्चा के दौरान पंकजा मुंडे ने कहा कि उनके विभाग के पास कोई निधि नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सीईटीपी प्लांट जरूर स्थापित करेंगे, लेकिन सरकार को इसमें कुछ मदद करनी चाहिए।
ईडी जैसी छापेमारी करो
पर्यावरण विभाग के पास खुद का कोई फंड नहीं है। जैसे सीएसआर फंड से मंदिर और शिक्षा के लिए पैसे जुटाए जाते हैं, वैसे ही पर्यावरण के लिए भी फंड जुटाओ। जैसे ईडी आदि छापेमारी करते हैं, वैसे ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी एसटीपी प्लांट्स पर छापे मारने चाहिए। क्या बिना प्रक्रिया के सीधे नदी में पानी छोड़ा जा रहा है, यह जाकर खुद देखो। ऐसा निर्देश पंकजा मुंडे ने अधिकारियों को दिया।
योजना बनाना और कागजों पर दिखाना है नाकाफी
पंकजा मुंडे ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं बनाना और कागजों पर काम दिखाना काफी नहीं है। जब तक जमीन पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे निरीक्षण बढ़ाएं, जिम्मेदारी तय करें और लापरवाह उद्योगों पर तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
