साथी सिपाही पर दर्ज करवाया रेप का मामला बाराबंकी में बर्बरता ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
यूपी के बाराबंकी में महिला सिपाही की हत्या का मामला सामने आया है। तीन दिन से लापता सिपाही की लाश खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिली। लापता महिला सिपाही की अपनों ने भी सुध नहीं ली। वहीं, हाईवे पर सुरक्षा निगरानी की भी पोल खुल गई है। महिला कांस्टेबल विमलेश पाल की हत्या ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और महादेवा मंदिर परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सिपाही २७ जुलाई को ड्यूटी के लिए सुबेहा थाने से महादेवा के लिए निकली थी, लेकिन वहां पहुंची ही नहीं। इस घटना ने एक बार फिर से योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में चौंकानेवाली बात यह है कि उनकी गैरहाजिरी की रपट भी दर्ज हुई पर उन्हें खोजने की कोशिश न तो पुलिस ने की और न ही उनके अपनों ने कोई सुध ली। हद तो यह है कि २९ जुलाई को उनकी ड्यूटी सतरिख के मजीठा मेले में भी लगी थी, लेकिन वहां भी वह नहीं पहुंचीं। इस पर क्या कार्रवाई हुई, इस संबंध में सतरिख पुलिस कुछ भी कहने से पूरे दिन बचती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला सिपाही विमलेश पाल की मौत सिर पर किसी भारी चीज की चोट के कारण हुई है। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। हालांकि रामनगर थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी अधिकृत रूप से कुछ नहीं कह सकते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर वैâसे एक महिला सिपाही तीन दिनों तक लापता रही और किसी ने भी उनकी खोज खबर भी लेना मुनासिब नहीं समझा।
पुलिस महकमे की संवेदनहीनता उजागर
पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे की लापरवाही को उजागर कर दिया है। न तो गुमशुदगी पर गंभीरता दिखाई गई और न ही सहयोगी के लापता होने पर खोजबीन की गई आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है और जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।
विमलेश की बहन पूजा के मुताबिक, २७ जुलाई को विमलेश ने फोन पर कहा था कि इंद्रेश उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंद्रेश और उसके भाई ने मिलकर विमलेश की हत्या की है।
