मुख्यपृष्ठस्तंभफैन रिक्वेस्ट या ऑनलाइन उत्पीड़न?

फैन रिक्वेस्ट या ऑनलाइन उत्पीड़न?

एडल्ट क्रिएटर्स ने बताई अपनी सीमाएं

-ग्लैमर के पीछे असहज सच: ओनलीफैंस स्टार्स को मिलते हैं चौंकाने वाले संदेश

ऑस्ट्रेलिया में स्टैन की नई डॉक्यूसीरीज ‘टर्न्ड ऑन: डर्टी, सेक्सी, मनी’ के प्रीमियर के दौरान कई ओनलीफैंस क्रिएटर्स ने बताया कि उन्हें फैंस से किस तरह के अजीब और परेशान करने वाले संदेश मिलते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस सीरीज में एनी नाइट, रूबी ड्रू, मिया बेली, हेली समर्स, क्लोई मीरा, अप्रैल और अमेलिया मैडिसन, क्विन एवरली और ब्रिटिश एडल्ट स्टार लिली फिलिप्स जैसे चेहरे शामिल हैं। सीरीज २९ मई २०२६ से शुरू हुई है।
एनी नाइट ने बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे बार-बार ऐसा रोल-प्ले करने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने तुरंत नकार दिया। उनके मना करने के बाद भी वह व्यक्ति ज्यादा पैसे देने की पेशकश करता रहा। मिया बेली ने कहा कि जानवरों से जुड़े रोल-प्ले जैसे अनुरोध उन्हें बेहद असहज करते हैं और ऐसे कंटेंट ओनलीफैंस के नियमों के खिलाफ भी हैं। लिली फिलिप्स ने साफ कहा कि नाबालिगों से जुड़े किसी भी तरह के रोल-प्ले की मांग बेहद आपत्तिजनक है और ऐसी बातों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह दिखाता है कि ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स को सिर्फ कैमरे के सामने काम नहीं करना पड़ता, बल्कि उन्हें लगातार सीमाएं तय करनी पड़ती हैं। पैसे देने वाला हर ग्राहक अपनी हर मांग पूरी करवाने का अधिकार नहीं रखता। सहमति, मानसिक सहजता, प्लेटफॉर्म नियम और व्यक्तिगत मर्यादा, ये सभी बातें इस पेशे में भी उतनी ही जरूरी हैं जितनी किसी अन्य काम में।
रिपोर्ट में क्रिएटर्स ने यह भी कहा कि उनसे कुछ सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए, जैसे वे कितना कमाते हैं, उन्होंने यह काम क्यों चुना या मुफ्त कंटेंट क्यों नहीं देते। उनके अनुसार, यह भी एक पेशा है और इसमें निजता, भुगतान और सम्मान की वही बुनियादी शर्तें लागू होती हैं जो किसी अन्य रचनात्मक काम में होती हैं।
ओनलीफैंस ने कंटेंट क्रिएटर्स को आर्थिक आजादी और सीधा दर्शक-वर्ग दिया है, लेकिन इसके साथ ऑनलाइन उत्पीड़न, असहज मांगों और निजी सीमाओं के उल्लंघन की समस्या भी बढ़ी है। यह कहानी बताती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘फैन’ और ‘ग्राहक’ होने का मतलब किसी व्यक्ति की गरिमा या सुरक्षा पर अधिकार मिल जाना नहीं है।

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