राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर विवाद हुआ, फिर सीबीएसई के परिणामों और प्रक्रियाओं पर सवाल उठे और अब सीयूईटी परीक्षा तकनीकी खामियों के कारण चर्चा में है। कई छात्रों ने परीक्षा के दौरान सर्वर डाउन, लॉगिन समस्या और तकनीकी बाधाओं की शिकायत की है। इस मुद्दे पर जेन जी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर डाला है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार जवाबदेही से बच रही है।
बता दें कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (सीयूईटी) २०२६ परीक्षा कई केंद्रों पर शनिवार को तकनीकी गड़बड़ी के कारण देरी से हुई, जिससे छात्रों और अभिभावकों में खासी नाराजगी पैâल गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बाद में स्पष्टीकरण जारी कर देरी की जिम्मेदारी अपने तकनीकी पार्टनर टीसीएस पर डाली। सीयूईटी परीक्षा में देरी की वजह से छात्रों को शनिवार को काफी परेशान होना पड़ा। जगह-जगह उन्होंने इसके विरोध में प्रदर्शन किए।
एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं करवा पाए `विश्वगुरु’
`नीट, सीबीएसई और आज सीयूईटी। चार परीक्षाएं। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं आयोजित हुई। पीएम मोदी ने पूरा शिक्षा तंत्र बर्बाद कर दिया है। दावे विश्वगुरु के, लेकिन देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते। मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
-राहुल गांधी
