खतरे का निशान पार कर बस्तियों और गांवों में पहुंची गंगा-यमुना
राजेश सरकार / प्रयागराज
शनिवार शाम 04.00 बजे तक
प्रयागराज में बाढ़ अपने भयानक रूप में है। शहर के 61 इलाके बाढ़ की चपेट में पूरी तरह आ चुके हैं। इसके अलावा खतरे के निशान को छूने की होड़ में बह रही गंगा-यमुना गांव-गिरांव तक पहुंच गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों का पलायन जारी है। विश्वविद्यालय तथा कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को किराए के कमरों व लॉजों से लैपटॉप, कॉपी किताब खाने-पीने के समान और पंखे आदि स्वयं लाद कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखा गया। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल कॉलेज शनिवार को बंद कर दिए गए थे। कई स्कूलों और कॉलेज प्रांगण में राहत शिविर बनाए गए हैं। शहर में शनिवार को तेज बारिश होती रही। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहनेवाले लोग भी राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखे।
इस दौरान बाढ़ ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। गंगा नदी का जलस्तर फाफामऊ में चार घंटे के दरम्यान 12 सेमी. की गति से 84.96 मी. पहुंच गया है। वहीं छतनाग में गंगा खतरे 84.32 मी. पर बह रही है। गंगा नदी का खतरे का बिंदु फाफामऊ में 84.738 मी. तथा छतनाग में 84.738 मी. है। गंगा नदी का अधिकतम जलस्तर फाफामऊ में 87.980 मी. और छतनाग में 88.030 मी. है। यमुना नदी का जलस्तर नैनी में चार घंटे में 16 सेमी. की गति से 85.06 मी. लेबल पर पहुंच गया है। यमुना नदी का खतरे का बिन्दु 84.738 मी. है। यमुना नदी का अधिकतम जलस्तर नैनी में 87.990 मी. है।
61 वार्ड एवं मोहल्ले प्रभावित
शहर के वार्ड 40 सदर में कछार मऊ/सरैया, राजापुर देह माफी, असदुल्लापुर मोहम्मदाबाद, बेली कछार, बेली उपरहार, बघाडा जहरूद्दीन, बघाडा बालन, मेहदौरी कछार, शिवकुटी, चांदपुर सलोरी उपरहार, सादियाबाद कछार, चिल्लापटटी, अराजी बारूद खाना कछार, आराजी जोधवल, अराजी बारूद खाना उपरहार, गोविंदपुर, चांदपुर सलोरी कछार, बकशी उपरहार, बकशी कछार, बभनपटटी कछार, बराही पटटी कछार, मुस्तफा बाद मुंस्कसमा, सराय मौज उर्फ कीडगंज, बखतियारा, दरियाबाद, मेहदौरी उपरहार, म्योराबाद, नकौली कछार, कछार भिखी सराय, नकौली उपरहार, नेवादा, बम्रौली कछार, असरौली कछार, गोहटी कछार, गोहटी उपरहार, करैली, करैला बाग, मैनापुर, असरावलखुर्द में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसके अलावा फुलपुर संसदीय क्षेत्र के सोनौटी, बदरा, धोकरी, भदकार, लीलापुर तथा करछना विधानसभा क्षेत्र के देहली, भगेसर, हथसरा, पनासा जलमग्न हो गए हैं। सोरांव विधानसभा क्षेत्र के फाफामऊ, गंगानगर,रंगपुरा, फतुपुर, अकबरपुर, गंगागंज, टिकरी, चपरी बाढ़ प्रभावित हैं।
मेजा विधानसभा क्षेत्र में झरियारी, अमिलिया खुर्द, इसौटा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बारा विधानसभा क्षेत्र के अमिलिया आमद चायल, कंजासा में भी बाढ़ का कहर देखा जा रहा है। जबकि हण्डिया विधानसभा क्षेत्र में बढौली गांव बाढ़ प्रभावित में शामिल है। 989 परिवार राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं। वहीं बाढ़ शिविर में कुल 3955 लोग सुरक्षित निवास कर रहे हैं। इसके साथ अन्य स्थानों में कुल 3955 लोग सुरक्षित पहुंचा दिए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फसल प्रभावित एक भी गांव नहीं है। लेकिन बाढ़ से प्रभावित 27 ग्रामों में आवागमन प्रभावित हैं। बाढ़ को देखते हुए सर्वाधिक 26 राहत शिविर सदर में बनाए गए हैं। इसके अलावा सोरांव में 07, फुलपुर में 13, करछना में 19, मेजा में 14, बारा में 09, हण्डिया में 06, कोरांव में 03 राहत शिविर बनाए गए हैं। अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कल 128 नौका एवं 01 मोटर बोट संचालन किया जा रहा है। शनिवार को तीन वक्त में 5461 लंच पैकेट वितरित किए गए। साथ ही 242 बीमार लोगों का इलाज किया गया। 290 पैकेट ओआरएस, 125 क्लोरिन टैबलेट बांटे गए। पशुओं के लिए चार शिविर बनाए गए हैं। जहां अब तक 55 पशुओं का उपचार तथा 152 का टीकाकरण किया गया। मदद के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम के नम्बर 0532-2641577, 0532-2641578, 1077 सार्वजनिक किए गए। यह जानकारी जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण प्रयागराज की तरफ से दी गई।
