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चार साल बाद भी वसई रोड जंक्शन प्रोजेक्ट अधूरा!.. स्थानीय नागरिकों ने उठाए सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई

रेलवे ने दावा किया है कि वसई रोड जंक्शन विस्तार प्रोजेक्ट में दानौली की तरफ नई थर्ड लाइन का निर्माण ४८ फीसदी पूरा हो चुका है। नई लाइन शुरू होने से वसई-भायंदर सेक्शन में लोकल और लंबे रूट के ट्रेनों की भिड़ंत कम होगी। चार साल में सिर्फ आधा निर्माण होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ऐसे में अब तक आधा काम हुआ तो बाकी आधा होने में और कितने साल लगेंगे? ऐसा सवाल नागरिकों द्वारा पूछा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कागजों में काम तेज बताया जा रहा है, लेकिन जमीन पर मजदूरों से लेकर यात्रियों तक सब कह रहे हैं कि चार साल में आधा, तो पूरा होने में और कितने साल चाहिए। रेलवे ने दावा किया था कि नई लाइन शुरू होने से वसई-भायंदर सेक्शन में लोकल और लंबे रूट की ट्रेनों की भिड़ंत कम होगी, सिग्नल ब्लॉक कम होंगे और यात्रियों की समय बर्बादी घटेगी लेकिन यात्रियों का कहना है कि अभी तो वसई का नाम सुनते ही ‘मेगाब्लॉक आने वाला है’ वाली आवाज कान में बजती है। रेलवे प्रोजेक्ट इतनी धीमी गति से चल रहा है मानो कोई नया रिकॉर्ड बनाना है। भूमि अधिग्रहण में देरी, पास के इलाकों में धूल और शोर से स्थानीय लोग परेशान हैं, जबकि किसी को असल में नहीं पता कि ये लाइन पूरी कब होगी। रेलवे दावा कर रही है कि ४८ प्रतिशत नई थर्ड लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है, यानी कि आधा काम हो गया है, लेकिन आधे की अभी शुरुआत हुई है। कागजों में प्रगति तेज है लेकिन असल में स्पीड ‘वसई मेगाब्लॉक’ वाली चल रही है। प्रशासन की लापरवाही का खामीयाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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