रोहित माहेश्वरी
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछले दिनों लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक पत्रकार ने सवालिया लहजे में कहा, `आज ओम प्रकाश राजभर का जन्मदिन है। आप कुछ कहेंगे? इस पर अखिलेश यादव ने सपाट लहजे में सवाल किया, `मैं क्या करूं? जन्मदिन उनका है तो मैं क्या करूं इसके लिए?’ अखिलेश यादव ने इसके बाद कहा कि १०० रुपए से काम चलता हो तो भिजवा दें। हम तो १०० रुपए ही देते हैं उन्हें, चाहे जिनका भी जन्मदिन हो। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस तरह की बहस मत करो। वैल्यू मत बढ़ने दो किसी की। इस दौरान समाजवादी पार्टी कार्यालय ठहाकों से गूंजता रहा।
`नो मोर बीजेपी’
पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को जहां भाजपा ने अलग-अलग कार्यक्रम करते हुए मोदी सरकार के कामकाज का बखान किया तो वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस दिन को `बेरोजगारी दिवस’ के रूप में मनाया। पीएम मोदी के जन्मदिन पर सपा कार्यकर्ताओं ने जूता पॉलिश कर अपना विरोध जताया है। इस दौरान उनके हाथ में पोस्टर भी थे। पोस्टरों में १७ सितंबर बेरोजगारी दिवस की बात लिखी है। साथ ही `नो मोर बीजेपी’ का नारा दिया है। सपा कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
जूता मार इनाम!
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय महाराजा सुहेलदेव का मुद्दा खासा गरमाया हुआ है। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव राजभर को लुटेरा कहे जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानी सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने बयान जारी कर कहा अगर शौकत अली ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो सुभासपा लोकतांत्रिक तरीके से उनका राजनीतिक बहिष्कार करेगी। पीयूष मिश्रा ने बयान में यहां तक कह डाला कि अगर किसी वीर योद्धा ने शौकत अली को जूता मारा, तो उसे ५१,१११ रुपए का इनाम दिया जाएगा। विवाद की शुरुआत बहराइच में एआईएमआईएम के एक कार्यकर्ता सम्मेलन से हुई।
