मुख्यपृष्ठसमाचारउफान पर गंगा-यमुना, तटीय इलाकों पर मंडराया संकट

उफान पर गंगा-यमुना, तटीय इलाकों पर मंडराया संकट

राजेश सरकार / प्रयागराज

संगम नगरी प्रयागराज पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। गुरुवार को मौसम विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, मूसलाधार बारिश के चलते गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान (84.734 मीटर) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। गुरुवार सुबह आठ बजे के सरकारी आंकड़ों ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से दोनों नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।
फाफामऊ में गंगा नदी 21.8 मिमी की भारी बारिश के साथ 80.57 मीटर पर पहुंच गई है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 26 सेंटीमीटर का भारी उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी ओर छतनाग में भी गंगा का जलस्तर 18.0 मिमी बारिश के साथ 79.54 मीटर (+23 सेमी) रिकॉर्ड किया गया। यमुना मैया भी पीछे नहीं हैं। नैनी में यमुना का जलस्तर 9.0 मिमी बारिश के बीच 79.93 मीटर दर्ज किया गया है, जो बुधवार के मुकाबले 25 सेंटीमीटर ऊपर आ चुका है।
पानी की रफ्तार को देखकर निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटने लगे हैं। नदियों के इस आक्रामक रुख के बीच राहत की एकमात्र खबर यह है कि प्रयागराज के सभी सुरक्षा बांध पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं। तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अगले 24 घंटे प्रयागराज के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।
टला नहीं है संकट
पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान (84.734 मीटर) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। सरकारी आंकड़ों ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लाखों नागरिकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। त्रिवेणी संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के कॉरिडोर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फाफामऊ और नैनी में हालात पर नजर
मौसम विभाग और बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, नदियों के जलस्तर में प्रति घंटे हो रही बढ़ोतरी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। फाफामऊ में पिछले 24 घंटों में 26 सेंटीमीटर के भारी उछाल के साथ जलस्तर 80.57 मीटर पर पहुंच गया है। इस क्षेत्र में 21.8 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है।
झूंसी-छतनाग में 18.0 मिमी बारिश के साथ यहां गंगा नदी का जलस्तर 79.54 मीटर (+23 सेमी) रिकॉर्ड किया गया है।
नैनी में यमुना का रौद्र रूप
नैनी में 9.0 मिमी बारिश के बीच जलस्तर 79.93 मीटर दर्ज किया गया है, जो कल यानी बुधवार के मुकाबले 25 सेंटीमीटर ऊपर आ चुका है। नदियों के इस आक्रामक रुख और लगातार हो रही बारिश के कारण प्रयागराज के दर्जनों स्थानीय मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। छात्र-बहुल इलाकों सलोरी, दारागंज और अल्लापुर की गलियों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे हॉस्टलों और कमरों में रहने वाले छात्र सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
दारागंज की निचली बस्तियों और झोपड़ियों में पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। यमुना के बढ़ते जलस्तर ने नैनी की तटीय बस्तियों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। घरों के ग्राउंड फ्लोर डूबने के कारण लोग सामान छतों पर शिफ्ट कर रहे हैं। 98 बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें नावों के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

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