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वाराणसी में गंगा खतरे के निशान को किया पार!  … लोगों के घरों में घुसा पानी

उमेश गुप्ता / वाराणसी

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान को पार कर चुका है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 71.56 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के स्तर 71.262 मीटर से ऊपर है। 4 अगस्त को सुबह 8 बजे तक जलस्तर के और बढ़ने की संभावना जताई गई है, अनुमानित स्तर 71.70 मीटर है।

वाराणसी के अलावा गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर, फाफामऊ और प्रयागराज में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बलिया में वर्तमान स्तर 59.36 मीटर है जो खतरे के काफी करीब है, वहीं मिर्जापुर में 77.90 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। बारिश के कारण इन क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका गहराती जा रही है।

गंगा के अलावा गोमती नदी (जौनपुर), चोटी सरयू (मऊ), और वरुणा नदी (तेन्दुई) में भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, चुनार में गंगा नदी में भारी वर्षा हुई है, जहां 131.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
अस्सी, नगवा, शिवाला, मानसरोवर, चौकी घाट, पांडेय घाट, दरभंगा घाट, दशाश्वमेध, मुंशी घाट और मानमंदिर इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है। चौकी घाट क्षेत्र में कई मकानों की बिजली काटी गई है। नगवा में गंगोत्री विहार कॉलोनी, संगमपुरी कॉलोनी और रामेश्वर मठ के पीछे गली में पानी भर गया है। अपना घर आश्रम, मदरवां से 114 अशक्त लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

कचरा निस्तारण प्लांट के मुख्य द्वार के पास पानी भर गया है, जिससे गाड़ियां पानी में होकर जा रही हैं। नगर निगम ने रमना में कचरा डंपिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है। प्रशासन ने गंगा में स्नान, तैराकी और नौकायन पर प्रतिबंध लगाया है। संवेदनशील घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हर थाने में बाढ़ निगरानी के लिए टीम गठित की गई है और 112 हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय है।

अस्सी, नगवा, शिवाला, मानसरोवर, चौकी घाट, पांडेय घाट, दरभंगा घाट, दशाश्वमेध, मुंशी घाट और मानमंदिर इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है। चौकी घाट क्षेत्र में कई मकानों की बिजली काटी गई है। नगवा में गंगोत्री विहार कॉलोनी, संगमपुरी कॉलोनी और रामेश्वर मठ के पीछे गली में पानी भर गया है। अपना घर आश्रम, मदरवां से 114 अशक्त लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

संवेदनशील घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हर थाने में बाढ़ निगरानी के लिए टीम गठित की गई है और 112 हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय है।

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