सामना संवाददाता / मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर में एक १० वर्षीय बच्ची के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना ने महायुति सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाचपावली क्षेत्र में कथित तौर पर चार युवकों द्वारा बच्ची को परेशान किए जाने और विरोध करने पर उसके ८ वर्षीय भाई के साथ भी मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि आरोपियों के डर से बच्ची और उसका भाई करीब एक महीने से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, बच्ची अपने छोटे भाई के साथ शाम को पढ़ाई के लिए जाती थी। आरोप है कि रास्ते में चार युवक लगातार उसका पीछा कर उसे परेशान करते थे। विरोध करने पर उसे धमकाया जाता था। अगस्त के दूसरे सप्ताह में कथित तौर पर बच्ची को एक सुनसान गली में ले जाकर लोहे की पाइप जैसी छड़ी से उसके पैर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया गया। घटना के बाद परिजनों ने १४ अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह घटना सीधे महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था और गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जब मुख्यमंत्री स्वयं नागपुर से आते हैं, तब उनके ही शहर में एक छोटी बच्ची अपराधियों के भय से शिक्षा छोड़ने को मजबूर हो जाए तो सरकार की ‘महिला एवं बाल सुरक्षा’ व्यवस्था और गृह मंत्रालय के कामकाज पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पुलिस का कहना है कि बच्ची आरोपियों की पहचान करने में सक्षम नहीं थी और शिकायत में मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। ऐसे में एक बच्ची को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पूरी करने में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
