– सह्याद्रि अतिथिगृह में करीब आधे घंटे की मुलाकात, फिर एक ही कार से कार्यक्रम में पहुंचे दोनों नेता
-मराठा आंदोलन के बीच बैठक से बढ़ीं अटकलें; आधिकारिक तौर पर चर्चा का पूरा ब्योरा नहीं
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सह्याद्रि अतिथि गृह में बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक चर्चा की। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार में आगे के कार्यक्रम के लिए रवाना हुए, जिससे राजनीतिक अटकलों को और हवा मिली। शाह का मुंबई दौरा पहले से निर्धारित था और वे शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन फिर गर्म है। मनोज जरांगे-पाटील आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं और महायुति के भीतर भी इस मुद्दे को संभालने की रणनीति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शाह और शिंदे की पिछली बैठकों में मराठा आरक्षण, राजनीतिक समन्वय और सत्ता-संगठन से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे हैं। हालांकि, रविवार की ताजा मुलाकात में क्या-क्या तय हुआ, इसका विस्तृत आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया। इसलिए मंत्रिमंडल फेरबदल, सत्ता-समीकरण या किसी बड़े राजनीतिक निर्णय की अटकल को अभी तथ्य की तरह नहीं लिया जा सकता। लेकिन टाइमिंग अपने आप में राजनीतिक संकेत जरूर देती है। हाल के दिनों में भाजपा और शिंदे गुट के बीच स्थानीय निकायों तथा संगठनात्मक मुद्दों पर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। मुंबई महानगरपालिका में भी दोनों दलों के बीच तनातनी दिखाई दी है। ऐसे में मराठा आंदोलन के बीच शाह–शिंदे की बंद कमरे की बातचीत ने सवाल खड़ा कर दिया है क्या यह सिर्फ नियमित राजनीतिक समन्वय था या महाराष्ट्र के अगले सत्ता समीकरण की कोई नई खिचड़ी पक रही है?
कौन होगा अगला सीएम?
भाजपा में कयास लगाया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में भेजा जाएगा, जिसके बाद राज्य में रिक्त होने वाले मुख्यमंत्री पद के लिए अभी लॉबिंग तेज हो गई है। महायुति सरकार में कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? यह सवाल हर किसी के मन में उठने लगा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यदि दिल्ली जाते हैं तो यहां नए मुख्यमंत्री के रूप में चंद्रकांत पाटील, चंद्रशेखर बावनकुले, राहुल नार्वेकर, विनोद तावड़े जैसे कई दिग्गजों के नाम पर चर्चा हो रही है।
दिल्ली भेजे जाने की अटकलों से फडणवीस नाराज!
दिल्ली भेजे जाने को लेकर पार्टी के दबाव से फडणवीस की नाराजगी यहां बैठक में साफ झलक रही थी। फडणवीस की वैसे पहले से ही शाह के साथ नहीं बनती है। यही वजह थी कि सह्याद्रि की बैठक के दौरान फडणवीस कटे-कटे नजर आए। जबकि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने फायदे को समझते हुए शाह से चिपके-चिपके नजर आएं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मुंबई दौरे के बीच उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे सह्याद्रि अतिथिगृह में करीब आधे घंटे की बंद कमरे में मुलाकात की। इतना ही नहीं अमित शाह से मुलाकात के बाद शिंदे ने उनके साथ एक ही गाड़ी में यात्रा की। दोनों के बीच जमकर बातचीत होने का संकेत मिल रहा है। शिंदे के शाह के साथ अकेले में चर्चा ने महायुति के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान को फिर हवा दे दी है।
शाह मुंबई एशियाटिक सोसायटी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां कई नेता उनके स्वागत में खड़े थे। इसके बाद सह्याद्रि गेस्टहाउस में बैठक हुई। जहां फडणवीस कटे-कटे नजर आए। इस पूरी कवायद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरी ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। एक तरफ शाह और शिंदे की बंद कमरे में बातचीत, दूसरी तरफ फडणवीस की गैरमौजूदगी ने सियासी माहौल गरम कर दिया है।
दरअसल, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच महत्वाकांक्षाओं की टकराहट कोई नई बात नहीं है। शिंदे गुट लगातार अपने राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करता रहा है, जबकि भाजपा राज्य की सत्ता पर अपनी निर्णायक पकड़ बनाए रखना चाहती है। ऐसे में शाह-शिंदे की यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट थी या मुख्यमंत्री पद के भविष्य पर कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक गणित बैठाया गया, इस पर निगाहें टिक गई हैं।
