सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने मतदाता फेहरिस्त में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला। प्रेजेंटेशन के जरिए मतदाता फेहरिस्त में विसंगतियां पेश करते हुए उन्होंने आयोग के गोलमाल को जगजाहिर किया। आंकड़ों के जरिए आदित्य ठाकरे ने साफ किया कि वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद महाराष्ट्र में ७ लाख ९० हजार मतदाता गायब हो गए हैं, जबकि मुंबई के ५ लाख से अधिक मतदाताओं का भी पता नहीं है। ये मतदाता कहां गए, राज्य के बाहर गए या देश के बाहर, यह सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मुकदमा चलाकर उन्हें जेल में डालने की मांग उन्होंने की।
आदित्य ठाकरे ने शिवसेना भवन में प्रेस कॉन्प्रâेंस कर मीडिया के सामने यह आंकड़े पेश किए। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में २४ मई २०२६ को ९ करोड़ ८६ लाख ४४ हजार ४१३ मतदाता थे। ३१ अगस्त को आयोग द्वारा एसआईआर के बाद जारी कुल मतदाताओं की संख्या ९ करोड़ ७८ लाख ५४ हजार ४९ थी। फिर ७ लाख ९० हजार ३६४ मतदाता कहां गए, यह सवाल हमें गोलमाल ज्ञानू से पूछना है, इन शब्दों में आदित्य ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।
पिछले चुनावों में मतदान करने वालों के नाम भी कट
मुंबई के आंकड़ों के बारे में बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई के ५ लाख से अधिक मतदाताओं का सूची में पता ही नहीं है। लोकसभा, विधानसभा और मुंबई महानगरपालिका की मतदाता सूचियों में उनके नाम थे, लेकिन एसआईआर के बाद जारी सूची में उनका समावेश ही नहीं है, यह बताते हुए अधिक गहराई में जाएं तो यह आंकड़ा १० लाख से ऊपर जा सकता है, ऐसी संभावना भी आदित्य ठाकरे ने व्यक्त की।
२०२९ से पहले ही बीजेपी सरकार गिर जाएगी
इस दौरान आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा देश में इस वक्त इमरजेंसी जैसे हालात पैदा किए गए हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने चेताया कि केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश में वैसा माहौल है और उसे देखते हुए २०२९ से पहले ही सरकार बदल जाएगी।
भिवंडी के आंकड़ों में सैकड़ों मतदाताओं का अंतर
भिवंडी-पूर्व निर्वाचन क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि भिवंडी में २०२४ में ३ लाख ७३ हजार ६५९ मतदाता थे और विधानसभा चुनाव में उनमें से १ लाख ९१ हजार ६९१ लोगों ने मतदान किया, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया के बाद १ लाख ९१ हजार ४४३ ऐसा आंकड़ा दिखाया गया। आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाते हुए कहा, `फिर २५४ मतदाता कहां गए, हवा से आए, हवा में गए, आखिरकार गए कहां, राज्य के बाहर गए या देश के बाहर?’
माहिम में ९०० पात्र मतदाताओं को नोटिस
माहिम के लगभग ९०० मतदाताओं का मैपिंग न होने के कारण उन्हें नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस आने का दावा भी आदित्य ठाकरे ने किया। उन मतदाताओं ने हर चुनाव में मतदान किया है। उन्होंने सवाल उठाया, `यदि ड्राफ्ट रोल में उनका नाम होने के बावजूद उन्हें नोटिस भेजे गए हैं, माहिम में इतने नाम होंगे तो महाराष्ट्र और देश में कितने होंगे?
बीएलओ ने घर-घर न जाकर मतदाताओं को अनुपस्थित दिखाया
आदित्य ठाकरे ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए तैनात बीएलओ को मतदाताओं के घर तीन बार जाकर सत्यापन करना आवश्यक था; लेकिन उन्होंने केवल सोसायटियों के दफ्तर में बैठकर पंजीकरण किया और घर-घर जांच किए बिना मतदाताओं को अनुपस्थित दिखा दिया।
