मुख्यपृष्ठस्तंभहनीफनामा : सलीम-जावेद: रिश्तों का अंत

हनीफनामा : सलीम-जावेद: रिश्तों का अंत

हनीफ जवेरी
आपसी झगड़ों के तीन प्रमुख कारण माने गए हैं- जर, जोरी और जमीन। इन्हीं कारणों से भाई-भाई और जिगरी दोस्त भी वर्षों पुराने रिश्ते पलभर में तोड़ बैठते हैं। मशहूर लेखक जोड़ी सलीम-जावेद के अलगाव के पीछे भी स्त्री ही कारण बनी। सलीम-जावेद ने सत्तर के दशक में हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय रचा। यह पहली जोड़ी थी जो तय करती थी कि फिल्म में कौन-से अभिनेता कौन-सा किरदार निभाएंगे। जावेद अख्तर निर्देशक बनने मुंबई आए थे, जबकि सलीम अभिनेता बनना चाहते थे, लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था। उनकी मुलाकात फिल्म ‘अधिकार’ के सेट पर हुई और फिर दोनों ने साझेदारी में कहानी और पटकथा लिखनी शुरू की।
सलीम-जावेद की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में अपना एक अलग मुकाम बनाया। निर्माता-निर्देशक और अभिनेता तक उनके पीछे भागते थे। मगर न जाने किसकी नजर लगी और यह मशहूर जोड़ी अपने उत्कर्ष पर होते हुए भी टूट गई। हुआ यूं कि जब जावेद अख्तर की जिंदगी में शबाना आजमी की एंट्री हुई, तब एक दिन पटकथा चर्चा के दौरान जावेद ने सलीम को सुझाव दिया कि इस कहानी को हम उसी निर्माता को देंगे जो अमिताभ बच्चन के विपरीत शबाना आजमी को लेकर फिल्म बनाने को तैयार हो। सलीम को जावेद की यह बात पसंद नहीं आई। उनका कहना था कि शबाना समानांतर सिनेमा की नायिका हैं, उन्हें हम सुपरस्टार अमिताभ के साथ वैâसे ले सकते हैं? हालांकि, शबाना इससे पहले ‘अमर अकबर एंथनी’ और ‘परवरिश’ जैसी फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुकी थीं, लेकिन उन दोनों फिल्मों में वो विनोद खन्ना के अपोजिट थी। सलीम का मानना था कि अगर फिल्म में बहु-कलाकार हों तो शबाना को लिया जा सकता है, लेकिन यदि एकमात्र नायिका हो, तो वे शबाना को बिल्कुल नहीं लेना चाहेंगे।
आखिरकार, जावेद ने सलीम की बात मान तो ली, लेकिन यही बात दोनों के बीच दूरी बढ़ाने की शुरुआत बन गई। उन्हीं दिनों सलीम खान भी जावेद अख्तर की तरह विवाहित होते हुए भी नृत्यांगना हेलेन के प्रेम में थे। उन्होंने प्रेम में हेलेन से यह वादा किया था कि वो उन्हें किसी फिल्म में अमिताभ की नायिका बनाएंगे। जब फिल्म ‘ईमान धरम’ की कास्टिंग पर चर्चा हो रही थी, तब सलीम ने जावेद को सुझाव दिया कि इस फिल्म में अमिताभ के विपरीत हम हेलेन को लें। जावेद को यह बात ठीक नहीं लगी। उनका कहना था कि एक ओर नृत्यांगना और दूसरी ओर सुपरस्टार? यह मेल असंभव है। जबकि सलीम का कहना था कि यह एक बहु-कलाकार फिल्म है और हेलेन व अमिताभ के अधिक दृश्य भी नहीं होंगे, लेकिन जावेद किसी भी कीमत में मानने को तैयार नहीं थे।
जावेद ने उस समय सलीम से बहस करना आवश्यक नहीं समझा। उन्हें विश्वास था कि स्वयं अमिताभ ही हेलेन के साथ काम करने से मना कर देंगे, लेकिन जब अमिताभ ने हां कर दी, केवल इसलिए कि वे सलीम-जावेद को खुश रखना चाहते थे, जिनकी वजह से वे एक सितारे बने थे, तो जावेद चुप रह गए। उधर, अमिताभ और हेलेन की जोड़ी वाली फिल्म ‘ईमान धरम’ असफल हो गई और यह बात जावेद को अत्यंत खल गई। वास्तव में, सलीम और जावेद के बीच मनमुटाव उसी समय से प्रारंभ हो गया था, जब सलीम ने जावेद की प्रेमिका शबाना को अमिताभ के साथ काम दिलवाने से रोक दिया था। अब जावेद गुमसुम से रहने लगे और सलीम जो भी कहते केवल हामी भरते। जावेद समझ नहीं पा रहे थे कि दिल की बात वो कैसे कहें?
फिर एक दिन महाबलेश्वर से लौटते समय जब सलीम की कार जावेद को उनके घर छोड़ने आई तो कार से उतरे हुए जावेद ने हिम्मत जुटाकर बस इतना कहा, ‘सलीम साहब, मुझे माफ कीजिए… हमारा साथ यहीं तक था, आगे साथ काम करना मुश्किल होगा।’ सलीम चुप रहे, क्योंकि वे काफी समय से जावेद के बदले हुए व्यवहार को महसूस कर चुके थे।

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