मुख्यपृष्ठनए समाचार`मानसिक रोगियों की ऊंची उड़ान'  ...स्किल इंडिया ने दी जीने की नई...

`मानसिक रोगियों की ऊंची उड़ान’  …स्किल इंडिया ने दी जीने की नई राह!

-मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने का हो रहा प्रयास
सामना संवाददाता / मुंबई
एक वक्त था जब मानसिक रोगियों को केवल इलाज का मोहताज मान लिया जाता था, पर अब तस्वीर बदल रही है। ठाणे के प्रादेशिक मानसिक अस्पताल में भर्ती मरीज अब सिर्फ दीवारों के भीतर सिमटे नहीं हैं, बल्कि स्किल इंडिया योजना के माध्यम से ऊंची उड़ान भरने को तैयार हैं। मानसिक रोगों से ठीक हो रहे मरीजों को ज्वेलरी बनाने जैसे हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि घर में मानसिक रोगी हो, तो परिवार हमेशा चिंता में रहता है कि इनका भविष्य क्या होगा। लेकिन ठाणे का प्रादेशिक मानसिक अस्पताल ऐसे मरीजों के लिए एक मजबूत सहारा बन गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक के मार्गदर्शन और जन शिक्षण संस्थान व स्किल इंडिया आयकॉन फाउंडेशन के संयुक्त उपक्रम से विभिन्न आयु वर्ग के २० मानसिक रोगियों को ९० दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह सिर्फ स्किल ट्रेनिंग नहीं थी, बल्कि एक इंसान के रूप में उनके नए जन्म की शुरुआत थी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इनमें कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर परिजन वापस लौट कर नहीं आए। लेकिन इस प्रशिक्षण ने उनकी आंखों में एक नई चमक भर दी। प्रमाणपत्र वितरण समारोह उन मरीजों के लिए गौरव का पल बन गया। जब-जब कोई मरीज स्टेज पर प्रमाणपत्र लेने आया, उसकी आंखें नम थीं।

इस प्रशिक्षण से मनो रोगी केवल इलाज कराने तक ही सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अब वे खुद के जीवन को नए सिरे से शुरू करने के लिए तैयार हैं। समाज को इन रोगियों पर अपनत्व की भावना पैदा करेंगे, तभी ये ठीक हो सकेंगे।
– डॉ. नेताजी मुलिक, चिकित्सा अधीक्षक, ठाणे मेंटल अस्पताल

इनकी मेहनत और आत्मबल को अगर समर्थन मिला, तो ये खुद को नहीं, बल्कि पूरे समाज को बदलने की ताकत रखते हैं।
– मनीषा हिंदलेकर, संचालिका,
जन शिक्षण संस्थान

मरीजों को रोजगार का मिला मार्गदर्शन
प्रशिक्षण के दौरान मानसिक रोगियों को न केवल व्यावसायिक कौशल सिखाया गया, बल्कि संवाद, आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया गया। उपचार विभाग के डॉ. सुधीर पुरी, डॉ. निलीमा बागवे, डॉ. पायल सुरपाम, डॉ. प्रियतम दंडवते, डॉ. अंकिता शेटे के अथक प्रयासों से अब ये मरीज नई ऊर्जा और नए विश्वास के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं।

अन्य समाचार