मृतकों में नौ लोग एक ही परिवार के
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
रविवार की सुबह गोंडा जिले में भीषण हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, एक लापता है। तीन लोगों को बचा लिया गया है। मरने वालों में नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि हादसा इटियाथोक के बेलवा बहुता नहर पुल पर हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। ये लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले थे। गाड़ी में 15 लोग सवार थे। पानी में डूबने से 11 की मौत हो गई। जबकि, एक लापता है। प्रशासन ने इस हादसे में मरने वालों के नाम जारी कर दिया है।
1. रामबेटी (60 वर्ष), 2. सरोजा देवी (58 वर्ष), 3. राजू (30 वर्ष), 4. नरेंद्र (32 वर्ष), 5. पंकज (28 वर्ष), 6. आरती (25 वर्ष), 7. गुड़िया (22 वर्ष), 8. आरव (5 वर्ष), 9. कविता (18 वर्ष), 10.रिंकू (35 वर्ष), 11. नेहा (12 वर्ष) है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुःख जताया है।उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख की आर्थिक सहायता व घायलों को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं। सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी। नहर के किनारे की सड़क फिसलन भरी थी और बेहद संकरी भी। बोलेरो को साइड से गुजारने की कोशिश के दौरान अचानक वाहन फिसलकर नहर में पलट गया। वाहन पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 6.00 बजे एक जोर की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बोलेरो नहर में समा चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। बाद में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।
जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे।प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों ने शवों की तलाश शुरू की। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है, जबकि तीन लोग किसी तरह बाहर निकलकर बच गए। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सीहागांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के 11 लोगों की मौत से हर आंख नम है। परिवारों में चीख-पुकार मची है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के घरों में रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह उमड़ रही है।
