-२ से ८ अक्टूबर के बीच देशभर में जिलाधिकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन
-जिला स्तर पर निकाली जाएंगी पदयात्राएं
-६ अक्टूबर को इलेक्शन कमीशन ऑफिस पर विशाल मोर्चा
‘देश के लोकतंत्र को तबाह करने वालों को सजा मिलकर रहेगी, फिर चाहे वह कोई भी हो या कितना भी बड़ा क्यों न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। भारत का लोकतंत्र किसी भी एक व्यक्ति से बड़ा है। देश में जो कुछ भी चल रहा है, वह गलत है और उसे रोकना ही होगा, यही सभी की भावना है। देश का युवा वर्ग भी संघर्ष के लिए तैयार हो चुका है, इसलिए आने वाले कुछ महीनों में देश में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।’ -राहुल गांधी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
हुक्मरानों के इशारों पर काम करने वाले भ्रष्ट चुनाव आयोग के खिलाफ `इंडिया’ गठबंधन ने जोरदार बिगुल फूंक दिया है। वोटचोरी और एसआईआर घोटाले के जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और `लोकतंत्र बचाओ’ का नारा देते हुए `इंडिया’ गठबंधन ने देशभर में आंदोलनों की घोषणा की है। शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर इस देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत होगी। जिलाधिकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन, पदयात्रा, चुनाव आयोग कार्यालय पर मोर्चा और विशाल जनसभाएं आयोजित कर पूरे देश के माहौल को गरमाया जाएगा।
चुनाव आयोग में मचे अंदरूनी घमासान के बाद ज्ञानेश कुमार का भ्रष्ट कामकाज उजागर हुआ है। एक तरह से चुनावी घोटालों पर मुहर लग चुकी है, जिससे पूरे देश में गुस्से की लहर है और ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को `इंडिया’ गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
वोट की लूट के खिलाफ विपक्ष का महाआंदोलन
`इंडिया’ गठबंधन ने चुनावों में कथित धांधली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का एलान किया है। विपक्षी दल जिलाधिकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन, चुनाव आयोग मुख्यालय पर मोर्चा और दिल्ली में महामोर्चा निकालकर सरकार पर दबाव बनाएंगे।
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस की सांसद सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद के तेजस्वी यादव और कपिल सिब्बल समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
`इंडिया’ गठबंधन की इस बैठक में चुनावों में हुई धांधलियों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद आंदोलन की रणनीति तय की गई। इसके तहत, शुक्रवार २ अक्टूबर से ८ अक्टूबर के बीच देशभर के जिलाधिकारी कार्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे और इसके माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा। इसी दौरान, ६ अक्टूबर को विपक्षी दलों के सभी सांसद चुनाव आयोग के मुख्यालय पर एक विशाल मोर्चा निकालेंगे। इसके अलावा `इंडिया’ गठबंधन की पांच बड़ी जनसभाएं भी होंगी, जिनके स्थान और तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी। वहीं, १ नवंबर को दिल्ली में एक `महामोर्चा’ निकाला जाएगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे नेता!
मोर्चों और जनसभाओं के जरिए माहौल बनाने के साथ-साथ `इंडिया’ गठबंधन के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जिसके लिए उनसे समय मांगा जा रहा है।
सर्वोच्च न्यायालय से अपील
`इंडिया’ गठबंधन ने इस बैठक के जरिए सर्वोच्च न्यायालय से अपील की है कि अदालत में लंबित एसआईआर और चुनावों से जुड़े सभी मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए।
हम एकजुट हैं और पूरी ताकत से लड़ेंगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा, `बैठक में सभी नेताओं ने अपनी बात रखी; कुछ नेता ऑनलाइन भी जुड़े। सभी विपक्षी दल लोकतंत्र की इस लड़ाई को लड़ने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे।’ खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह चुनाव आयोग को कठपुतली की तरह नचा रहे हैं, जिसके खिलाफ विपक्ष मजबूती से अपनी आवाज उठाएगा।
